वित्तीय विवरण - Financial Statement

वित्तीय विवरण - Financial Statement

वित्तीय विवरण से तात्पर्य किसी भी मौद्रिक विवरण से हो सकता है, जो किसी व्यवसाय या उद्योग के सम्बन्ध में आवश्यक वित्तीय सूचनाओं को प्रदर्शित करता हो। परन्तु वर्तमान काल में वित्तीय विवरण के अन्तर्गत दो खातों या विवरणों को सम्मिलित किया जाता है जिन्हें लेखापालक किसी निश्चित अवधि के अन्त में तैयार करता है। ये दो विवरण है आर्थिक चिट्ठा अथवा वित्तीय स्थिति का विवरण और लाभ-हानि खाता या आय विवरण ( Income Statement)। वर्तमान व्यावसायिक संस्थाओं द्वारा एक तीसरा विवरण भी तैयार किया जाने लगा है

जिसे आधिक्य विवरण या बचत लाभ विवरण के नाम से जाना जाता हैं। पाश्चात्य देशों में एक चौथा विवरण भी तैयार किया जाने लगा है जिसे वित्तीय स्थिति में परिवर्तन का विवरण कहते हैं।


उपर्युक्त विवरण में प्रदत्त आकड़ों एवं सूचनाओं के पूरक रूप में विभिन्न प्रकार की अनुसूचियां भी तैयार की जाती हैं। इन अनुसूचियों में मुख्य रूप से स्थायी सम्पत्तियों की अनुसूची', देनदारों की अनुसूची', 'लेनदारों की अनुसूची' संचितियों की अनुसूची', 'विक्रय-योग्य वस्तुओं की लागत की अनुसूची, आदि को शामिल कर सकते हैं। विश्लेषण व निर्वचन के दृष्टिकोण से, इन अनुसूचियों को वित्तीय विवरणों का ही भाग माना जाता है। यहां पर प्रत्येक विवरण की प्रकृति व उद्देश्य के बारे में जानना अनावश्यक नहीं है।