निर्देशन के कार्य - Function of Guidance
निर्देशन के कार्य - Function of Guidance
निर्देशन की प्रकृति को उसके कार्यों के सन्दर्भ में भी समझा जा सकता है। जेरान तथा रिक्सि ने निर्देशन के निम्नलिखित आठ कार्य बताये हैं-
1. व्यक्ति को ऐसे अवसर उपलब्ध कराना जिससे कि वह अपने कार्य क्षेत्र एवं शैक्षिक प्रयासों के विषय में और अधिक सीख सके।
2. अपनी मानसिक क्षमताओं के सन्दर्भ में व्यक्ति अपनी आकाँक्षाओं को जान सके, उस कार्य में उसकी सहायता करना ।
3. व्यक्ति की सहायता इस उद्देश्य से करना कि वह अपनी मानसिक प्रवृत्तियों को समझे, स्वीकार करे और उन्हें काम में लाये।
4. व्यक्ति को अपनी योग्यताओं, अभिरूचियों, रूचियों तथा अभिवृत्तियों की जानकारी प्राप्त करने में सहायता पहुँचाना।
5. व्यक्ति को इस प्रकार सहायता करना कि वह इतना अच्छा आदमी बन जाये जितनी की उसमें क्षमता है
6. व्यक्ति को अधिक से अधिक आत्मनिर्देशित बनने में सहायता देना।
7. वांछित मूल्योंके विकास में व्यक्ति की सहायता करना।
8. व्यक्ति को ऐसे अनुभव प्राप्त करने में सहायता करना जो कि उसकी निर्णय शक्ति में वृद्धि करते हैं ।
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