रोकड़ बजट के कार्य / महत्व - Functions or Advantages of Cash Budget

रोकड़ बजट के कार्य / महत्व - Functions or Advantages of Cash Budget


रोकड़ बजट कार्यशील पूँजी के नियन्त्रण एवं नियोजन के लिये वित्तीय प्रबन्ध के हाथों में एक उपयोगी उपकरण है। इसकी सहायता से उपलब्ध रोकड़ साधनों का वैकल्पिक उपयोग करते हुए अधिकतम उपयोग किया जा सकता है। संक्षेप में, इसके निम्नलिखित भाग है -


(1) कोषों की भावी आवश्यकता का अनुमान लगाना (Forecasting the future needs of funds) – रोकड़ बजट की सहायता से भावी वित्तीय आवश्यकताओं का पूर्वानुमान सहज ही लगाया जा सकता है कि कब और कितनी मात्रा में रोकड़ की आवश्यकता होगी। समय से पहले ही आवश्यकता का पता लग जाने से उचित पूँजी लागत पर वित्त की व्यवस्था की जा सकती है।


(2) रोकड़ व्ययों पर नियन्त्रण (Controlling cash expenditures) – यह रोकड़ व्ययों पर नियन्त्रण रखने की उपयोगी युक्ति है। इसकी सहायता से उपक्रम के विभिन्न विभागों द्वारा किये जाने वाले व्ययों को नियन्त्रित किया जा सकता है ताकि वे उपक्रम के उद्देश्य तथा वित्तीय साधनों के अन्दर ही अन्दर रहे।


(3) उचित रोकड़ शेषों का रखना (Maintenance of Ample Cash Balance) - रोकड़ उपक्रम की वित्तीय सरलता (liquidity) का आधार होते हैं। प्रबन्धक यह भली-भांति जानते है कि उचित तरलता के अभाव में उत्पादन घट सकता है और उत्पादन घटने से आय घट जाती है। अतः रोकड़ बजट इन सन्दर्भ में सबसे उपयोगी यह काम करता है कि यह उचित रोकड़ शेष बनाये रखने में सहायक होता है।


(4) रोकड़ के नियोजन में सहायता (Helpful in Planning ) रोकड बजट रोकड़ के नियोजन में भी सहायता पहुंचाता है। यह निश्चित अवधि अन्तरालों पर रोकड़ की कमी अथवा रोकड़ के आधिक्य को प्रदर्शित करता है। रोकड़ कमी के समय अस्थायी साधनों से वित्त का प्रबन्ध किया जा सकता है तथा रोकड आधिक्य को अस्थायी (अल्पकालीन) विनियोगों में लगाया जा सकता है।


(5) प्रस्तावित विस्तार कार्यक्रमों की प्रभावोत्पादकता की जांच (Testing the influence of proposed expansion programmes ) रोकड़ बजट की सहायता से किसी भी प्रस्तावित विस्तार कार्यक्रम अथवा विनियोग कार्यक्रमों से प्राप्त होने वाले रोकड़ अन्तर्वाहो ( cash inflows) का पूर्वानुमान लगाया जा सकता है और उसकी उत्पादकता आदि की जांच की जा सकती है।


(6) वित्तीय निष्पादन का मूल्यांकन (Evaluation of Performance) एक रोकड़ बजट वित्तीय निष्पादन के मूल्यांकन के लिये एक प्रमाप की भाँति कार्य करता है।


(7) सुदृढ लाभांश नीति ( Sound Dividend Policy) - इसकी सहायता से एक श्रेष्ठ एवं नियमित लाभश नीति का अनुसरण किया जा सकता है तथा अंशधारियों को सन्तुष्ट रखा जा सकता है।


(8) दीर्घकालीन नियोजन एवं समन्वय का आधार (Basis of Long term Planning and Coordination) - रोकड़ बजटन की सहायता से कार्यशील पूँजी, विक्रय, प्रबन्ध, साख प्रबन्ध, विनियोग प्रबन्ध आदि कार्यों में समन्वय तथा सहयोग स्थापित किया जा सकता है। यह वित्तीय प्रबन्ध की क्षमता / अक्षमता पर प्रकाश डालता है और आवश्यकतानुकूल कदम उठाने के लिये प्रेरणा देता है। यह दीर्घकालीन वित्तीय नियोजन का आधार है।