सूक्ष्म-शिक्षण की मूलभूत मान्यताएँ , सूक्ष्म-शिक्षण के सिद्धांत - Fundamentals of Micro-teaching Principles of Micro-teaching
सूक्ष्म-शिक्षण की मूलभूत मान्यताएँ , सूक्ष्म-शिक्षण के सिद्धांत - Fundamentals of Micro-teaching Principles of Micro-teaching
सूक्ष्म शिक्षण की मान्यताएँ निम्नांकित हैं
1. सूक्ष्म-शिक्षण एक उपचारात्मक प्रक्रिया होती है।
2. सूक्ष्म-शिक्षण, शिक्षण का एक अति लघु एवं सरलीकृत रूप होता है।
3. प्रभावशाली सूक्ष्म- शिक्षण के लिए शिक्षण-व्यवहार के प्रारूप आवश्यक होते हैं।
4. अपेक्षित व्यवहार में परिवर्तन लाने में पृष्ठ-पोषण की महत्वपूर्ण भूमिका हाती है।
सूक्ष्म-शिक्षण के सिद्धांत (Principles of Micro Teaching):-
एलन तथा रियॉन (1968) ने सूक्ष्म-शिक्षण के निम्नांकित पाँच मूलभूत सिद्धांतों का वर्णन किया है-
1. सूक्ष्म-शिक्षण वास्तविक शिक्षण है।
2. अभ्यास क्रम की प्रक्रिया पर अधिक नियंत्रित रखा जाता है।
3. एक समय में किसी भी एक विशेष कार्य एवं कौशल के प्रशिक्षण पर ही जोर दिया जाता है।
4. इस प्रकार के शिक्षण में साधारण कक्षा-शिक्षण की जटिलताओं को कम कर दिया जाता है। 5. परिणाम संबंधी साधारण ज्ञान एवं प्रतिपुष्टि के प्रभाव की परिधि विकसित होती है।
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