अपने विद्यार्थियों को जानिए - get to know your students

अपने विद्यार्थियों को जानिए - get to know your students

आपकी कक्षा में आने वाला प्रत्येक विद्यार्थी एक चेतन प्राणी है जो अपने साथ अपने अनुभव लेकर आता है। एक समावेशी शिक्षक अपने विद्यार्थी के इन अनुभवों को जानने का प्रयास करता है। वह अपने विद्यार्थियों की प्रत्येक विशेषता उनकी पृष्ठभूमि, अभिरूचि, संज्ञानात्मक क्षमता आदि को लगातार खोजने का प्रयास करता है। इनके आधार पर ही वह अपने विद्यार्थी से जुड़ता है। उनके व्यक्तिगत एवं पारिवारिक इतिहास को जानने का प्रयास करें। स्वयं को पूर्वाग्रहों से मुक्त रखिए शिक्षक भी स्वयं नाना प्रकार के सामाजिक अनुभवों से युक्त होने के कारण आग्रहों और पूर्वाग्रहों से युक्त रहता है। कक्षा में विद्यार्थियों से अन्तः क्रिया के दौरान आपकों खुद को इन पक्षों से मुक्त रखना होगा। 


समावेशी शिक्षणशास्त्रीय युक्तियों का प्रयोग करें:- कक्षा में पढ़ाने के दौरान विद्यार्थियों अपने अनुभव साझा करने को कहे।

उन्हें समूह में कार्य करने को कहे। स्वयं प्रस्तुतीकरण करने के दौरान ध्यान रखें कि एक से अधिक क्षेत्रों, धर्मों, समुदायों के उदाहरण प्रस्तुत करें। गृहकार्य में विविधता बनाए रखें। यदि कक्षा में कोई विशिष्ट आवश्यकता वाला विद्यार्थी है तो उसके अनुरूप कक्षा चर्चा हो।


विद्यार्थियों की पहचान को स्वीकार करें: प्रत्येक विद्यार्थी की विविधता उसके पहचान का भी हिस्सा होती है। उसके इस पहचान का स्वागत करें और इसकी प्रशंसा करें। उनके साथ तद्गुभूति पूर्ण व्यवहार करें।


मननशील शिक्षक बनें : एक शिक्षक के रूप में आप विद्यार्थियों के साथ अपने अनुभवों को लिखें। इस लेखन में इस तथ्य को उभारें कि आपने किस प्रकार विविधता का समावेशन किया?


विद्यार्थियों की क्या प्रतिक्रिया रही ? अपने इन अनुभवों को अन्य शिक्षकों के साथ भी साझा करें।


विशिष्ट आवश्यकता वाले विद्यार्थी


विशिष्ट आवश्यकताओं वाले विद्यार्थी वे होते है जिनकी आवश्यकताएं सामान्य अधिगमकर्ता से भिन्न होती है। यह भिन्नता कम अथवा बहुत अधिक भी हो सकती है। भिन्नता के अनेक आयाम भी हो सकते हैं - शारीरिक भिन्नता तथा मानसिक भिन्नता आदि। जब भिन्नता की मात्रा तथा स्वरूप सामान्य से विचलित होता है तो ऐसे अधिगमकर्ताओं की शिक्षा प्रक्रिया सामान्य अधिगमकर्ताओं जैसी कर पानाप जटिल होता है। ऐसे विद्यार्थियों के लिए विशेष प्रकार के शिक्षण वातावरण और युक्तियों की आवश्यकता होती है। इनके लिए विशेष सुविधाओं वाले विशेष / विशिष्ट विद्यालय स्थापित किए जाते है। वर्तमान में इस बात पर बल दिया जाता है की विशिष्ट आवश्यकता वाले विद्यार्थियों की शिक्षा सामान्य शैक्षिक संस्थाओं में प्रदान की जाए ताकि उन्हें वास्तविक वातावरण में रहने का अवसर मिल सके।