हंसा मेहता समिति - Hansa Mehta Committee

हंसा मेहता समिति - Hansa Mehta Committee


1962 में राष्ट्रीय महिला शिक्षा परिषद ने विद्यालय स्तर पर बालक तथा बालिकाओं के पाठ्यक्रम में अंतर होने अथवा नहीं होने की महत्वपूर्ण समस्या पर विचार करने हेतु श्रीमती हंसा मेहता की अध्यक्षता में एक समिति का गठन किया जिसे समिति की अध्यक्ष के नाम पर हंसा मेहता समिति के नाम से भी जाना जाता है। इस समिति ने विचार-विमर्श के उपरांत सुझाव दिया कि विद्यालय स्तर पर बालक तथा बालिकाओं के पाठ्यक्रम में अंतर नहीं होना चाहिए। समिति ने कहा कि भारत में जनतंत्रीय तथा समाजवादी समाज की स्थापना की प्रक्रिया चल रही है। अतः शिक्षा का संबंध व्यक्तिगत क्षमताओं, रुझानों तथा रूचियों से होना चाहिए न कि यौन भेद से। अतः यौन के आधार पर पाठ्यक्रम में अंतर करने की आवश्यकता नहीं है। समिति ने यह भी कहा कि कोई भी ऐसा कदम नहीं उठाना चाहिए जो लड़के तथा लड़कियों के बीच विद्यमान अंतर को बढ़ाए