मुख्याध्यापक तथा समय-सारिणी - headmaster and schedule

मुख्याध्यापक तथा समय-सारिणी - headmaster and schedule


टाइम-टेबुल मुख्याध्यापक की अनेक प्रकार से सहायता करता है -


1. स्वीकृत पाठ्यक्रम योजना के अनुसार नियत समय के अंदर समाप्त होता है। प्रत्येक विषय को उसके महत्व के अनुसार तथा कठिनाई के अनुसार स्कूल में समय मिल जाता है। 


2. मुख्याध्यापक लाभदायक पाठ्यांतर विषयों के लिए भी समय-विभाग-चक्र में समय देता है।


3. मुख्याध्यापक इसकी सहायता से शिक्षकों को उनकी योग्यता के अनुसार कछाएँ पढ़ाने के लिए देता है।


4. सभी छात्रों को कार्य में लगाया रखा जाता है।


5. छात्रों की शारीरिक तथा मानसिक स्थिति को ध्यान में रखकर कार्य का बँटवारा किया जाता है।


6. मुख्याध्यापक एक ही दृष्टि से जान सकता है कि स्कूल में किस कक्षा में किस समय, कौन-सा कार्य हो रहा है तथा कौन-सा शिक्षक कार्य कर रहा है।


यदि वह देखता है कि किसी समय कोई कक्षा खाली है तो वह झट उस कक्षा का उचित प्रबंध करता है। जिस दिन कोई शिक्षक पाठशाला में नहीं आता तो उसके घंटे दूसरे शिक्षकों में बाँट दिए जाते हैं, अतः कोई भी कक्षा खाली नहीं रहती। शिक्षक तथा छात्र जानते हैं कि समय-विभाजन चक्र पर न चलने से प्रधानाध्यापक नाराज होगे, इसलिए वे ठीक समय पर अपनी कक्षाओं में जाते हैं। कोई भी छात्र कक्षा से बाहर नहीं रह सकता। टाइम-टेबुल सभी के सामने लक्ष्य निर्धारित करता है और शिक्षक तथा छात्र इन लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए यत्न करते हैं। कार्य निश्चित होने पर वे सारा वर्ष व्यस्त रहते हैं।