छात्रावास - Hostel
छात्रावास - Hostel
हमारे प्राचीन परंपरा के अनुसार विद्यालयों में छात्रावास की आवश्यक्ता होती है। छात्रावास छात्रों में सामूहिक जीवन जीने की कला विकसित करने का उपयुक्त
स्थल है। इसमें विद्यार्थी भावी जीवन के लिए सहयोग साहचर्य और आत्मनिर्भरता से युक्त जीवन व्यतीत करने का अवसर मिलता है।
छात्रावास के कार्य (Functions of Hostel)
२) छात्रों की आवास की व्यवस्था
(२) भोजन व्यवस्था
(३) जल व्यवस्था
४) सफाई व्यवस्था
(५) प्रकाश व्यवस्था
६) खेलकूद व्यवस्था
(७) सुरक्षा व्यवस्था
८) पर्यवेक्षण व्यवस्था
९) अनुशासन एवं नियंत्रण व्यवस्था
छात्रावास की विशेषताएँ
(१) विद्यार्थियों की संख्या को ध्यान में रखकर साधनों से परिपूर्ण हो। ताकि उनके रहन सहन में कठिनाई न हो।
२) छात्रावास में भोजनालय (मेस) की व्यवस्था हो ।
३) छात्रावास मुख्य विद्यालय भवन से ज्यादा दूर न हो।
(४) आसपास का पर्यावरण स्वच्छ हो।
५) इन्डोर गेम्स की समुचित व्यवस्था हो ।
६) छात्रावास के प्रमुख वार्डन का व्यवहार स्नैहयुक्त, सहयोगपूर्ण व अभिभावक तुल्य हो जिससे इन्हें घर का अभाव महसूस न हो।
(७) छात्रावास में छात्रों की दिनचर्या नियमित हो
छात्रावास संबंधी समस्याएँ (Problems Related to Hostel)
१) कुछ छात्र बिना (अनुमति) बाहर रहते हैं या बाहर चले जाते है।
२) कुछ छात्र अपने से छोटे (जूनियर) छोत्रों के साथ अच्छा व्यवहार नहीं करते है।
(३) वे आपस में चौकीदार व सहायकों के साथ दुव्यवहार करते हैं।
४) कमरों में सामान की चोरी करते है।
५) कुछ छात्र बाहर के व्यक्तियों को संबंधी बनाकर छात्रावास में ठहराते है।
६) छात्रों में एक दूसरे से वाद-विवाद होता है।
७) विभिन्न समितियों के चुनावों को लेकर परस्पर मन-मुटाव होता है।
(८) महिला छात्रावासों में अलग तरह की समस्या होती है।
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