अल्प पूंजीकरण की पहचान - identification of under-capitalization

अल्प पूंजीकरण की पहचान - identification of under-capitalization


1. अल्प पूंजीकरण की पहचान यह पुस्तकी मूल्य (Book Value) तथा वास्तविक (Real Value) की तुलना करके की जा सकती है। यदि पुस्तकी मूल्य व्यवसाय के वास्तविक मूल्य से कम ही तो यह स्थिती अल्प पूंजीकरण की पहचान होगी।


2 इस दशा में कम्पनी कि परीसपती का वास्तविक मूल्य बैलेंस शीट में दिखाई गई पुस्तक की मूल्य से अधिक होगा।


3. ऐसी दशा में पुजीकरण की मात्रा को देखते हुये कम्पनी कि आय अधिक होगी।


4. ऐसी कम्पनी प्रचलित दर से उंची दर पार लाभाश देने कि स्थिती में होगी। 


5. ऐसे कम्पनीयो के अंश का वास्तविक मूल्य उनके बाजार मूल्य से अधिक होगा।