सुरक्षा सीमा का महत्व - importance of security
सुरक्षा सीमा का महत्व - importance of security
सुरक्षा सीमा का आकार व्यापार की शक्ति का माप करने के लिये एक अत्यधिक महत्वपूर्ण सूचक है। यह आकार जितना अधिक होगा, व्यवसाय में हानि की सम्भावनायें उतनी ही दूर होगी अर्थात् यदि सुरक्षा - सीमा पर्याप्त है तो इसका आशय यह होता है कि विक्रय में पर्याप्त कमी होने पर भी व्यवसाय में लाभ बने रहेंगे। दूसरी ओर यदि सुरक्षा सीमा का आकार बहुत कम है तो विक्रय में थोड़ी सी कमी होने पर ही व्यवसाय में हानि होने लगेगी। इसके कम होने का सामान्य कारण स्थिर व्ययों की अधिकता है। अतः ऐसे व्यवसायों में क्रियाशीलता का उच्च स्तर आवश्यक होता है।
सामान्यतया जिस व्यवसाय में सुरक्षा सीमा जितनी अधिक होगी, वह व्यवसाय उतना ही अधिक सुदृढ़ माना जाता है और व्यवसाय में लाभार्जन के अवसर भी उतने ही अधिक होते हैं।
यदि किसी व्यवसाय की सुरक्षा सीमा में कमी होती जा रही है तो व्यवसाय के लिये वह एक चिन्ताजनक विषय हो जाता है। यदि यह असन्तोषजनक है तो इसे सुधारने के लिये निम्नलिखित उपाय किये जा सकते हैं
(1) विक्रय मूल्य में वृद्धि करना।
(2) स्थिर लागतों में कमी करना।
(3) परिवर्तनशील लागतों में कमी करना।
(4) उत्पादन मात्रा में वृद्धि करना ।
(5) अलाभकारी वस्तुओं का उत्पादन बन्द करके केवल लाभकारी वस्तुओं के उत्पादन पर ही ध्यान केन्द्रित करना है।
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