वैयक्तिक भिन्नता - Individual variation
वैयक्तिक भिन्नता - Individual variation
वैयक्तिक भिन्नता के कारण प्रत्येक व्यक्ति अपने आप में अनूठा, विलक्षण तथा अद्वितीय होता है।
टायलर के अनुसार- . "मापित की जाने वाली विभिन्नताओं के अस्तित्व को शारीरिक आकर, आकृति, दैहिक कृत्य गामक क्षमताओं, बुद्धि, निष्पत्ति, ज्ञान, रुचियों, अभिवृत्तियों एवं व्यक्तित्व के लक्षणों के रूप में प्रदर्शित किया गया है।"
स्किनर के अनुसार- "व्यक्तिगत भिन्नताओं में सम्पूर्ण व्यक्तित्व का कोई भी ऐसा पक्ष सम्मिलित हो सकता है, जिसका मापन किया जा सके।"
निष्कर्षतः व्यक्तियों में पायी जाने वाली उन सभी भिन्नताओं तथा भेंदो को, जो उन्हें एक-दूसरे से अलग करते हुये एक व्यक्ति को अपने आप में एक अनूठा व्यक्ति बनाती हे, वैयक्तिक भिन्नताओं की संज्ञा दी जा सकती है। औसत समूह से मानसिक, शारीरिक और सामाजिक-सांस्कृतिक-आर्थिक विशेषताओं के संदर्भ में समूह के सदस्य के रूप में भिन्नता या अन्तर को वैयक्तिक भेद कहते हैं।
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