अनुदेशन नीतियाँ - instructional policies

अनुदेशन नीतियाँ - instructional policies


अनुदेशन नीतियाँ दो शब्दों से मिलकर बना है। अनुदेशन और नीति । 'अनुदेशन ' छात्र व शिक्षक के मध्य होने वाली एक अन्तः क्रिया है जो कक्षा परिस्थिति में किसी वांछित उद्देश्य की पूर्ति हेतु शिक्षकों द्वारा संपन्न की जाती है। 'नीति' का अर्थ युद्ध कला तथा युद्ध कौशलसे लिया जाता है। शिक्षा के क्षेत्र में नीति का अभिप्राय: ऐसी कुशलता से है जिसे कक्षागत परिस्थितियों में शिक्षक शिक्षण उद्देश्यों को पूरा करते हुए छात्रों में वांछित व्यवहार परिवर्तन लाने हेतु करता है।


स्ट्रेसर के अनुसार- अनुदेशन नीतियाँ वह योजनाएं होती हैं जिसमें शिक्षण के उद्देश्यों, छात्रों के व्यवहार परिवर्तन, पाठ्यवस्तु, कार्य विश्लेषण, अधिगम अनुभव तथा छात्रों की पृष्ठभूमि आदि को विशेष महत्व दिया जाता है।


कक्षा के वातावरण, परिस्थितियों व शिक्षक के दृष्टिकोण के आधार पर शिक्षण नीतियाँ मुख्यत: दो प्रकार की होती हैं। 


(1) जनतांत्रिक अनुदेशन नीतियाँ शिक्षक का स्थान गौण, छात्र प्रमुख होता है


( 2 ) प्रभुत्ववादी अनुदेशन नीतियाँ- शिक्षक अधिक सक्रिय, छात्र निष्क्रिय श्रोता होता है । कुछ प्रमुख अनुदेशन नीतियों कावर्णन निम्न प्रकार है- ति मैत्री