अंतरानुशासनिक उपागम , पर्यावरण शिक्षा का राजनीतिकरण - An Interdisciplinary Approach, The Politicization of Environmental Punishment

अंतरानुशासनिक उपागम , पर्यावरण शिक्षा का राजनीतिकरण - An Interdisciplinary Approach, The Politicization of Environmental Punishment

पर्यावरण समस्याओं के विभिन्न पहलुओं को समझने के लिए ऐसे एकीकृत कार्यक्रम की आवश्यकता हें जहाँ पर्यावरण मुद्दों को भौतिकीय, रसायन, जीव विज्ञान, गणित, समाजशास्त्र आदि विषयों से जोड़कर पढाया जाय पर्यावरण मुद्दों के विश्लेषण के लिए तर्क, विज्ञान तथा समाजिक अंतः क्रिया को व्यवहार में लाया जाना चाहिए।



पर्यावरण शिक्षा का राजनीतिकरण


पर्यावरण शिक्षा की व्यवस्था एवं प्रचार-प्रसार का सदियों से राजनीतिकरण होते रहा है, यह हमेशा से सत्ता पर आसीन राजनीतिज्ञों के आर्थिक नीतियों से प्रभावित होते रही है।

जहाँ एक ओर सरकार आर्थिक विकास के लिए नए-नए उद्योगों के विकास तथा वनों के कटाव को बढ़ावा दे रही है वहीं दूसरी ओर वह ग्लोबल वार्मिंग तथा प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण जैसे मुद्दों का अंतरराष्ट्रीय पटल पर प्रतिनिधित्व भी करती है, जो आपस में विरोधाभाषी है। अतः आवश्यकता है कि ऐसे आर्थिक नीतियों, पर्यावरण संरक्षण नीतियों एवं पर्यावरण शिक्षा व्यवस्था का निर्माण हो जो सतत विकास को प्रोत्साहित करे।


समाज में तेजी से बदलता हुआ जनसंख्या ग्राफ आज हमारा जनसंख्या ग्राफ तेजी से बदल रहा है। नाभिकीय परिवार का प्रचलन, युवाओं की जनसंख्या में वृद्धि तथा विभिन्न संस्कृतियों में पारस्परिक तनाव आदि ऐसी चुनौतियां हैं जो पर्यावरण शिक्षा कि दिशा एवं दशा दोनों को प्रभावित कर रही है पर्यावरण सुरक्षा के प्रति युवाओं की संवेदनशीलता विकसित करने हेतु उनकी ऊर्जा को उचित दिशा में प्रवाहित करने की आवश्यकता है। नाभिकीय परिवार के प्रचलन ने लोगों को प्रकृति की तुलना में तकनीकी से अधिक जोड़ दिया है। पर्यावरण शिक्षा पाठ्यचर्या में इस बदलाव को गंभीरता से लेना चाहिए। साथ-ही-साथ पर्यावरण शिक्षा द्वारा विभिन्न संस्कृतियों के पारस्परिक सामंजस्य की आवश्यकता को उजागर करना चाहिए ताकि पर्यावरण समस्या के निदान हेतु सामूहिक निर्णय लिया जा सके।