परामर्श के लिए साक्षात्कार की आवश्यकता - Interview required for counseling
परामर्श के लिए साक्षात्कार की आवश्यकता - Interview required for counseling
साक्षात्कार केवल एक तकनीक है जो परामर्श में प्रयुक्त होती है। परामर्श एक विशाल तथा विस्तृत शब्द है। जोन्स के अनुसार साक्षात्कार को निर्देशन की एक सामान्य विधि कहना बहुत मुश्किल है । साक्षात्कार समस्त परामर्श नहीं है क्योंकि परामर्श अनौपचारिक परिस्थितियों में और संक्षिप्त वार्तालाप में ही हो सकता है। साक्षात्कार सामूहिक निर्देशन में प्रयुक्त नहीं हो सकता है और इसका सम्बन्ध परामर्श की स्थिति में केवल क्लीनिकल विधियों से ही होता है अर्थात जब संपर्क परामर्शदाता और केवल एक सेवार्थी के बीच हो साक्षात्कार परामर्श के साथ बहुत ही निकट से जुड़ा हुआ है। साक्षात्कार आमने सामने की बहस है।
साक्षात्कार सदा ही परामर्श की केन्द्रीय प्रक्रिया होता है। लेकिन यह भी नहीं कहा जा सकता है कि यह साक्षात्कार ही सब कुछ होता है क्योंकि परामर्श की अन्य प्रक्रियाओं में टेलीफोन पर बातचीत तथा दो व्यक्तियों में पत्र-व्यवहार आदि भी शामिल होते हैं। बुद्धिमत्तापूर्ण परामर्श में अनुवर्ती कार्य भी शामिल होता है जो परामर्श-साक्षात्कार के पश्चात और व्यक्ति के परामर्श-साक्षात्कार से पहले के अध्ययन द्वारा किया जाता है। संक्षेप में, परामर्श प्रक्रिया के तीन मुख्य चरण होते हैं
1. व्यक्ति का पूर्ण एवं विस्तृत अध्ययन
2. समस्या पर आमने-सामने बहस करना
3. एक प्रणालीबद्ध अनुवर्ती कार्यक्रम
साक्षात्कार इस प्रक्रिया में दूसरा चरण होता है अर्थात समस्या पर आमने-सामने बैठकर बहस करना। इस प्रकार हम देखते हैं कि साक्षात्कार परामर्श-प्रक्रिया का एक अंश मात्र ही है।
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