कोष प्रवाह विवरण की सीमाएँ - Limitations of Funds Flow Statement
कोष प्रवाह विवरण की सीमाएँ - Limitations of Funds Flow Statement
यद्यपि कोष प्रवाह विवरण वित्तीय प्रबन्ध का एक महत्वपूर्ण एवं उपयोगी साधन है, फिर भी इसकी कुछ सीमाएँ है जिनकी जानकारी होना आवश्यक है। इसकी प्रमुख सीमाए अग्रवत् है:
(1) गैर-कोष मदों की उपेक्षा यद्यपि यह विवरण चिट्ठ तथा लाभ-हानि खाते की तुलना में अनेक महत्वपूर्ण सूचनाएं उपलब्ध कराता है, परन्तु इसमें गैर-कोष मदों से सम्बन्धित व्यवहारों की पूर्णतः उपेक्षा की जाती है। इस दृष्टि से यह विवरण चिट्टे तथा लाभ-हानि खाते की तुलना में अपरिष्कृत है।
(2) भूतकालीन विश्लेषण - कोष-प्रवाह विवरण भूतकालीन विश्लेषण से अधिक सम्बन्ध रखता हैं, क्योंकि यह विवरण मुख्यतः यह बताता है कि क्या हो चुका है। इस विवरण से यह मालूम नहीं होता कि भविष्य में किस प्रकार के परिवर्तन होंगे।
(3) मौलिक सूचनाओं का अभाव इस विवरण से व्यवसाय की वित्तीय स्थिति अथवा उसमें परिवर्तन के सम्बन्ध में जो भी जानकारी मिलती है, वह मौलिक नही होती है। यह विवरण तो केवल चिट्टे एव लाभ-हानि खाते द्वारा प्रदर्शित समको का रूप परिवर्तित करके अथवा उन्हें पुनः व्यवस्थित करके कुछ सूचनाएं उपलब्ध करा देता है।
(4) रोकड़ स्थिति में परिवर्तन की जानकारी नहीं यह विवरण केवल कोष प्रवाह की ही जानकारी देता है, रोकड स्थिति में परिवर्तन की नहीं । अतः केवल कोष-प्रवाह पर आधारित सूचनाएं भ्रामक चित्र प्रस्तुत कर सकती है जिससे भ्रामक निष्कर्ष निकल सकते है।
(5) कार्यशील पूँजी के विभिन्न मदों का अलग-अलग विश्लेषण करने में असमर्थ - यह विवरण कार्यशील पूँजी की कुल राशि में परिवर्तन का ही विश्लेषण करता है, कार्यशील पूँजी के विभिन्न मदों में परिवर्तन या उच्चावचन का नहीं।
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