सूक्ष्म - शिक्षण की सीमाएँ - Limitations of Micro Teaching

सूक्ष्म - शिक्षण की सीमाएँ - Limitations of Micro Teaching


इस विधि की अपनी कुछ सीमाएँ हैं. जैसे - 


1. यह शिक्षण को 'कक्षा-कक्षागत शिक्षण' से दूर ले जाती है।


2. यह शिक्षण के निदानात्मक तथा उपचारात्मक कार्य पर ध्यान नहीं देता।


3. इसमें प्रतिपुष्टि एकदम छात्राध्यापक को मिलना मुश्किल होता है। 


4. यह सीमा से ज्यादा नियंत्रित तथा संकुचित शिक्षण की ओर ले जाती है।


5. इसमें समय अधिक लगता है अंत में यह कहा जा सकता है कि सूक्ष्म अध्ययन, शिक्षक प्रशिक्षक महाविद्यालयों में छात्राध्यापकों को प्रशिक्षण प्रदान करने के लिए एक सबल साधन है जिसका प्रयोग अच्छे शिक्षक तैयार करने के लिए किया जाना चाहिए।