वस्तुनिष्ठ परीक्षा की सीमाएँ - Limitations of Objectives Type Examination

 वस्तुनिष्ठ परीक्षा की सीमाएँ - Limitations of Objectives Type Examination


वस्तुनिष्ठ परीक्षा की अपनी कुछ सीमाएँ भी हैं, जो इस प्रकार हैं-


ये परीक्षाएँ विद्यार्थी उपलब्धि के विभिन्न पहलुओं, जैसे- सौंदर्यात्मक पक्ष, रचनात्मक कल्पना, साहित्यिक शैली, विचारों की अभिव्यक्ति आदि का मापन नहीं कर सकती।


1. एक ही प्रश्न के कई भ्रामक उत्तर देना विद्यार्थियों के अपरिपक्व मस्तिष्क पर अनुकूल प्रभाव नहीं डालते। यह शैक्षिक दृष्टि से पूर्णतया अमनोवैज्ञानिक है।


2. निबंधात्मक परीक्षाओं की तुलना में इन परीक्षाओं पर अधिक व्यय आता है। 


3. इन परीक्षाओं के एक बार प्रमापीकृत हो जाने से सब लोगों को इनका ज्ञान हो जाता है, परिणामस्वरूप भविष्य में इनका प्रयोग अधिक वैध नहीं रह पाता।


4. इन परीक्षाओं में परिक्षार्थी बहुत से प्रश्नों का उत्तर मात्र अनुमान से ही दे देता है जिससे विद्यार्थियों में धोखा देने की प्रवृत्ति का विकास होता है।