घोषणा पत्र की प्रमुख सिफारिशें , घोषणा पत्र के गुण , घोषणा पत्र के गुण - Major recommendations of manifesto, merits of manifesto, merits of manifesto

घोषणा पत्र की प्रमुख सिफारिशें , घोषणा पत्र के गुण , घोषणा पत्र के गुण - Major recommendations of manifesto, merits of manifesto, merits of manifesto

1) शिक्षा का उद्देश्य:- भारतीयों के नैतिक, बौद्धिक और आर्थिक स्तर को बढ़ाने के साथ शासन को मजबूत करनेवाले राजभक्त कर्मचारियों को उत्पन्न करना। 


2) पाठ्यक्रम:- पाठ्यक्रम के अंतर्गत अंग्रेजी तथा पाश्चात्य साहित्य एवं विज्ञान के साथ साथ हिंदू और मुसलमानों का सहयोग पाने के लिए अरबी संस्कृति की आवश्यकता महसूस की गई।


3) लोक शिक्षा विभाग:- प्रत्येक प्रांत में एक लोक शिक्षा विभाग की स्थापना की जाए।।


4) जन-समूह की शिक्षा जन समूह के शिक्षा के विकास के लिए अधिकाधिक प्राथमिक विद्यालय, मिडिल स्कूल और हाई स्कूल खोलने की अनुमति दी गयी।


5) शिक्षा का माध्यम:- अंग्रेजी प्रेमी लोगों के लिए शिक्षा का माध्यम अंग्रेजी तथा अन्य लोगों के लिए देशी भाषा के माध्यम से शिक्षा प्राप्त करने की अनुमति मिली।


6 ) विश्वविद्यालय:- कलकत्ता, बंबई और मद्रास में विश्वविद्यालय की स्थापना की सिफारिश की गई और इनका संगठन लंदन विश्वविद्यालय के आदर्शों पर किया गया।


7 ) शिक्षा अनुदान:- घोषणा पत्र के अनुसार देश के उदार एवं धनी व्यक्तियों को नवीन पाठशाला खोलने की अनुमति दी गयी।


8 ) व्यावसायिक शिक्षा:- व्यावसायिक शिक्षा की तरफ ज्यादा ध्यान दिया गया इसके चलते विभिन्न उद्योगों कि शिक्षा देने के लिए औद्योगिक स्कूल और कॉलेज खोलने की अनुमति दी गई।


9 ) पुस्तक लेखन तथा प्रकाशन:- भारतीय भाषाओं में पुस्तक लेखन एवं प्रकाशन का भी सुझाव दिया गया।


10) स्त्री शिक्षा:- घोषणा पत्र में स्त्री शिक्षा को भी महत्व दिया गया।


11) धर्म निरपेक्ष शिक्षाः- धर्म निरपेक्ष शिक्षा पर ज्यादा ध्यान दिया गया इसीलिये घोषणा पत्र के अनुसार शिक्षा अनुदान उन्ही विद्यालयों को प्रदान किया जाएगा जहाँ धर्म विशेष की शिक्षा नहीं दी जाती थी।


12) अध्यापकों का प्रशिक्षण- अध्यापकों के लिए प्रत्येक प्रेसीडेंसी में एक-एक शिक्षण प्रशिक्षण महाविद्यालय की स्थापना की सिफारिश की गयी।


13) शिक्षा एवं रोजगार:- घोषणा पत्र में ये कहा गया कि शिक्षा प्राप्त व्यक्ति ही सरकारी पद पर नियुक्त किए जाए. इससे शिक्षा के प्रति लोगों का झुकाव बढ़ेगा।


 14) कमबद्ध विद्यालयों की स्थापना:- शिक्षा को सुचारु रूप से संचालित करने के लिए क्रमबद्ध विद्यालयों की स्थापना पर जोर दिया गया। 


15) यूरोपीय ज्ञान एवं साहित्य को मान्यता:- घोषणा पत्र में यूरोपीय ज्ञान एवं साहित्य के साथ साथ भारतीय भाषा एवं साहित्य को ज्ञान के भी प्रशिक्षण दिया गया। 


घोषणा पत्र के गुण


1) भारत में नवीन एवं निश्चित शिवा नीति का प्रारंभ हुआ।


2) सामान्य जनता के लिए शिक्षा का द्वार खुला।


3) अध्यापकों को प्रशिक्षित करने की योजना बनी।


4) अंग्रेजी और भारतीय भाषा को शिक्षा का माध्यम बनाया गया।


1) पाश्य एवं पाश्चात्य शिक्षा के विवाद का अंत किया गया।


(5) प्रत्येक विभाग में शिक्षा विभाग' की स्थापना की गयी।


6) निस्पंदन सिद्धांत में आवश्यक परिवर्तन किए गए।


7) नौकरी में शिक्षितों को प्राथमिकता दी गयी।


8) शिक्षा अनुदान के द्वारा अनेक विद्यालयों को प्रोत्साहन दिया गया।


9) विश्वविद्यालय की स्थापना की गयी।


10) प्रथम बार स्वी- शिक्षा पर ध्यान दिया गया।


11) व्यावसायिक शिक्षा पर ध्यान दिया गया।


12) शिक्षा में धर्म निरपेक्षता पर बल दिया गया।


13) एस. एन मुखर्जी के अनुसार इस घोषणा-पत्र ने भारतीय शिक्षा के क्षेत्र में एक नवीन युग का प्रारंभ किया


वुड-घोषणा-पत्र के अवगुण (दोष)


1) घोषणा पत्र के अनुसार शिक्षितों को नौकरी प्राथमिकता देने के कारण लोग सिर्फ नौकरी के लिए शिक्षा पाने लगे।


2) भारतीय साहित्य की उपेक्षा की गई।


3) भारतीय भाषा का ह्रास तथा अंग्रेजी भाषा का विकास हुआ।


(4) शिक्षा विभाग स्थापित होने के कारण शिक्षा के क्षेत्र में नौकरशाही एवं तानाशाही आ गई।


(5) विद्यालय में परीक्षा प्रणाली का आधिपत्य हो गया।


(6) माध्यमिक विद्यालय तथा विश्वविद्यालय में अंग्रेजी को शिक्षा का माध्यम बनाया गया।


7) भारत की धार्मिक शिक्षा पर आघात किया गया।


8) इस घोषणा पत्र में ईसाइयों का अधिक पक्ष लिया गया।


9) मातृभाषा को शिक्षा में उचित महत्व नहीं मिला।


10) व्यावसायिक विद्यालय केवल राजभक्त भारतीयों को ही संतुष्ट कर पाये थे। 


11) प्राचीन विश्वविद्यालय परंपराओं की अवहेलना की गयी।


12) घोषणा पत्र ने भारतीयता का विनाश करके पूर्ण विदेशीकरण का बिगुल बजाया।