विवाह एवं विवाह विच्छेद , विवाह की आयु - Marriage and Divorce, Age of Marriage
विवाह एवं विवाह विच्छेद , विवाह की आयु - Marriage and Divorce, Age of Marriage
किसी भी समाज में विवाह और वैवाहिक जीवन से जुड़े नियम आमतौर पर स्त्रियों के इर्द-गिर्द घूमते हैं। अतः किसी समाज के विवाह से जुड़े नियम और व्यवहार के अध्ययन से हम उस समाज में स्त्रियों की स्थिति को बेहतर तरीके से समझ सकते हैं। हम जान सकते हैं कि उस समाज की स्त्री को अपनी देह और जीवन के महत्वपूर्ण पहलू पर निर्णय लेने की कितनी स्वतंत्रता है। आदिवासी समुदाय में विवाह से जुड़े नियम और व्यवहार तथा स्त्री की स्थिति को समझने के लिए हम विवाह से जुड़े विभिन्न पहलुओं की विवेचना करेंगे
विवाह की आयु (Age at marriage)
किसी भी समाज में लड़की का विवाह किस उम्र में किया जाए, यह उसके सामाजिक मूल्यों से निर्धारित होता है। सामान्य रूप से आदिवासियों में बाल विवाह का प्रचलन नहीं होता है। आदिवासी समाजों में लड़कियों की शादी सामान्यतः किशोरावस्था के बाद ही की जाती थी। किसी जनजाति में विवाह के समय स्त्रियों की उम्र पर बहुत कम अध्ययन उपलब्ध है। उत्तर-पूर्व क्षेत्र के आदिवासी समुदायों में लड़कियों की उम्र शादी के समय अपेक्षाकृत रूप से अधिक है, जबकि देश के केंद्रीय भाग में निवास करने वाले आदिवासी समुदायों में यह कम है, ऐसा हिंदू सांस्कृतिक प्रभाव के कारण है। जैसे आओ नागा (16-20 वर्ष), चैन्चु में किशोरावस्था (puberty) के बाद, खासी (13-18 वर्ष), कोली (12-16 वर्ष) बोद (19 वर्ष), गोंड एवं मुंडा (18 वर्ष), ओरॉव (16 वर्ष) है (Sinha, 1986)। सिक्किम के भोटिया और लद्दाख के बोद आदिवासी समुदाय बालविवाह से अनभिज्ञ हैं। (भसीन, 1998, 1999 )।
वार्तालाप में शामिल हों