रोकड़ - प्रवाह विवरण का अर्थ एवं परिभाषा - Meaning and Definition of Cash-Flow Statement

रोकड़ - प्रवाह विवरण का अर्थ एवं परिभाषा - Meaning and Definition of Cash-Flow Statement 


रोकड़- प्रवाह विवरण एक निश्चित अवधि के दौरान रोकड़ के विभिन्न स्रोतों एवं उपयोगों को प्रदर्शित करता है अर्थात् यह विवरण यह बताता है कि व्यवसाय में कहाँ-कहाँ से कितनी रोकड प्राप्त हुई तथा उसे कहाँ कहाँ कितनी मात्रा में उपयोग किया गया। सरल शब्दों में, यह विवरण किन्हीं दो अवधियों के बीच व्यवसाय के रोकड़ शेषों में हुये परिवर्तनों के कारणों की व्याख्या करता है।


भारत के इन्स्टीट्यूट आफ कास्ट एण्ड वर्क्स एकाउण्टेन्ट्स के अनुसार, रोकड़ प्रवाह विवरण किसी दी हुई अवधि में रोकड़ आवश्यकताओं के निर्धारण एवं उनकी पर्याप्त व्यवस्था करने के उद्देश्य से विभिन्न शीर्षकों के अन्तर्गत रोकड़ के स्रोतों एवं उनके उपयोगों से बनाया गया रोकड़ के प्रवाह का विवरण है।"


कोष प्रवाह विश्लेषण में शुद्ध कार्यशील पूँजी की विभिन्न मदों तथा उनमें होने वाले परिवर्तनों को शामिल किया जाता है, जबकि कार्यशील पूँजी में रोकड़ के अतिरिक्त अन्य चालू सम्पत्तियाँ एवं चालू दायित्त्व भी शामिल होते हैं। इसलिये कोष प्रवाह विवरण से इस बात की जानकारी नहीं हो पाती कि किन-किन मदों से कितनी रोकड़ व्यवसाय में आई है अतः उसका अन्तर्वाह ( Inflow) किस प्रकार हुआ हैं तथा किन-किन मदों में कितनी रोकड व्यवसाय से गई है अर्थात् रोकड़ का बहिर्गमन (Outflow) किस प्रकार हुआ है। परन्तु वर्तमान समय में किसी भी व्यवसाय में प्रबन्धकों के लिये यह जानकारी अत्यन्त आवश्यक हैं कि एक निश्चित अवधि में व्यवसाय में रोकड (Cash) की कहाँ-कहाँ से कितनी प्राप्ति हुई हैं तथा किन-किन साधनों में रोकड प्रयोग किया गया है। किसी भी व्यवसाय के लिये विभिन्न व्यावसायिक आवश्यकताओं की पूर्ति हेतु पर्याप्त रोकड़ की व्यवस्था करना आवश्यक ही नहीं अनिवार्य भी है। अतः रोकड़ के आगमन एवं बहिर्गमन की जानकारी प्राप्त करने के लिये वित्तीय स्थिति में परिवर्तनों का एक अन्य विवरण तैयार किया जाता है जिसे रोकड़ प्रवाह (Cash-Flow Statement) विवरण कहा जाता है। यह विवरण कोषों की रोकड अवधारणा पर आधारित है।