मापन के स्तर - Measurement Levels

मापन के स्तर - Measurement Levels


स्टेवेंस ने आकलन की चार मापनियों का उल्लेख किया है। ये मापनियाँ हैं- नामित, क्रमिक, अंतराल एवं अनुपात। नामित मापनी (Nominal Scale)- इस मापनी में अंकों का उपयोग वर्गों, समूहों या किसी समूह के विभिन्न सदस्यों को इंगित करने के लिए किया जाता है। उदाहरण किसी कार्यक्रम में सहभागिता लेने वाले विद्यार्थियों के विभिन्न समूहों को 1.2.3... आदि अंकों से इंगित किया जा सकता है।


क्रमिक मापनी (Ordinal Scale): इस मापनी में श्रेणीक्रम की विशेषताओं को अंक दिए जाते हैं। उदाहरण- मोहन को कक्षा में गणित की परीक्षा में प्रथम श्रेणी (90/100 ) प्राप्त होती है वहीं स्नेहलता को द्वितीय (87/ 100) तथा राजन को तृतीय (80/ 100)।

क्रमिक मापनी के विभिन्न अंकों के बीच की दूरी समान नहीं होती। मोहन तथा स्नेहलता के प्राप्तांकों के बीच का अंतर (3) स्नेहलता तथा राजन के प्राप्तांकों के बीच के अंतर (7) से अलग है।


अंतराल मापनी (Interval Scale): इस मापनी को बराबर अंतराल में बांटा जाता है तथा इन दूरियों को अंकों से दर्शाया जाता है। इस मापनी में अंकों के बीच की दूरी समान होती है। उदाहरण- उपलब्धि परीक्षण का फलांकन अंतराल मापनी पर किया जाता है। प्राप्तांक 10 से 20 के बीच वही अंतर होता है जो प्राप्तांक 20 से 30 के बीच होता है। इस मापनी पर शून्य का • स्थान हमें ज्ञात नहीं होता उसे हम किसी वांछित स्थान पर स्थिर करते हैं। इस स्थिति में हम यह नहीं कह सकते कि राम द्वारा प्राप्त अंक (80/ 100) श्याम द्वारा प्राप्त अंक (40/100 ) का दोगुना है।


आनुपातिक मापनी (Ratio Scale): इस मापनी में अंतराल मापनी के सभी गुणों के अतिरिक्त वास्तविक शून्य बिंदु का गुण भी विद्यमान होता है जो इसे सर्वोच्च मापनी के रूप में सिद्ध करता है। उदाहरण- भौतिकीय विज्ञान में उपयोग में आने वाली मापनियाँ- मीटर मापनी। इस स्थिति में हम यह कह सकते हैं कि राम का वजन (80 किलोग्राम) श्याम द्वारा प्राप्त अंक (40 किलोग्राम) का दोगुना है।


मापन की प्रकृति सामान्यतः परिमाणात्मक होती है किंतु आजकल गुणात्मक आकलन की व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए कई वैकल्पिक आकलन उपकरणों जैसे- पोर्टफोलियो, प्रदत्त कार्य, परियोजना, सृजनात्मक लेखन, अवलोकन अनुसूची आदि व्यवहार में लाये जा रहे हैं जिससे विद्यार्थी के अधिगम के विभिन्न आयामों के संबंध में गुणात्मक आंकड़े प्राप्त होते हैं ताकी इनका गहन एवं विस्तृत आकलन किया जा सके।