शिक्षा में जन संचार के द्वारा संप्रेषण के माध्यम - Media of communication through mass communication in education

शिक्षा में जन संचार के द्वारा संप्रेषण के माध्यम - Media of communication through mass communication in education


आल्ट एवं एगी के अनुसार जनसंचार का अर्थ किसी उद्देश्य के लिए विकसित संचार माध्यमों के उपयोग द्वारा विस्तृत आकार के विभिन्न प्रापकों तक सूचनाओं एवं विचारों को पहुँचाना है । राईट के अनुसार जनसंचार से अर्थ वृहद, अज्ञात एवं विषमवर्गीय समूह को सन्देश या सूचनाएँ पहुँचाना है।


जनसंचार माध्यम ऐसे संचार यंत्र हैं, जिनके द्वारा एक ही समाचार अथवा संदेश को एक बड़े जनमानस, जो बहुत दूर-दूर रहते हैं, तक एक ही समय में एक साथ एवं आसानी से पहुँचाया जा सकता है। जैसे रेडियो, टेलीविजन, सिनेमा, समाचार पत्र, पत्रिकायें, विज्ञापन, इलेक्ट्रॉनिक मेल, ई-अधिगम, सोशल मीडिया,

वेबकास्ट आदि । ये जनसंचार माध्यम शिक्षण में छात्रों को प्रेरणा देने के लिए, उनकी धारिता शक्ति में वृद्धि के लिए, शिक्षण उद्देश्यों को प्रस्तुत करने के लिए, कक्षा शिक्षण में बने प्रत्ययों को पुनर्बलित करने के लिए सूचनाओं को समय के अनुसार संगठित करने के लिए शिक्षण को अधिक रोचक, स्पष्ट तथा सार्वर्भामिक बनाने के लिए अत्यन्त उपयोगी सिद्ध हुए हैं। डाईट, एस.सी.ई.आर.टी. तथा विभिन्न राज्य शैक्षिक संस्थान जनसंचार माध्यमों का उपयोग कर पारिवारिक शिक्षा, जनसंख्या शिक्षा, जीवनपर्यन्त शिक्षा, स्वास्थ्य एवं पोषण संबंधी शिक्षा, कृषि शिक्षा आदि प्रदान करते हैं । एन.सी.ई.आर.टी., यू.जी.सी., इन्दिरा गाँधी (ओपन) यूनिवर्सिटी आदि टेलीविजन के माध्यम से विभिन्न शैक्षिक कार्यक्रम छात्रों के लिए तैयार करके प्रसारित कर रहे हैं।