अनुदेशन के माध्यम , मुद्रित सामग्री - medium of instruction, printed material

अनुदेशन के माध्यम , मुद्रित सामग्री - medium of instruction, printed material


अनुदेशन में मुद्रित एवं अमुद्रित दोनों प्रकार के माध्यमों का उपयोग किया जाता है। मुद्रित एवं अमुद्रित माध्यमों को चित्रानुसार वर्गीकृत किया जा सकता है-

मुद्रित सामग्री


दूरस्थ शिक्षा संस्थायें शैक्षिक अनुदेशन के लिए अधिकतर मुद्रित सामग्री पर ही निर्भर रहती है परन्तु आजकल अमुद्रित सामग्री का भी प्रचलन हो गया है। प्रभावशाली अनुदेशन के लिए दूरस्थ शिक्षा संस्थायें अपने प्रत्येक कोर्स के लिये (औपचारिक संस्थाओं की पाठ्य-पुस्तकों से कुछ अलग पैटर्न पर) मुद्रित सामग्री तैयार कर उसका उपयोग करती है। यह मुद्रित सामग्री कोर्स के छात्रों के आयु वर्ग की विशेषताओं एवं आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर विशेषज्ञों से तैयार करायी जाती है।


मुद्रित सामग्री में कौन-कौन सी सामग्री आती है यह निम्न चित्र से स्पष्ट होता है -


स्व- अनुदेशित सामग्री:


दूस्थ शैक्षिक संस्थानों में स्व-अनुदेशित सामग्री का उपयोग मुद्रित सामग्री के रूप में प्रमुखता के साथ किया जाने लगा है । प्रत्येक कोर्स के लिए विभिन्न विशेषज्ञों द्वारा यह सामग्री छात्रों की आवश्यकताओं, उनकी आयु तथा उनके स्तरों के अनुरूप तैयार की जाती है। इस प्रकार की सामग्री का प्रमुख उद्देश्य होता है कि छात्र अपने आप, अपने प्रयासों से तथा अपने घर पर रहकर ही पाठ्य-वस्तु को सरलता एवं स्पष्टता से समझ सकें ।


अन्य मुद्रित सामग्री: स्व-अनुदेशित सामग्री के अतिरिक्त अनेक प्रकार की अन्य मुद्रित सामग्री का प्रयोग भी ज्ञान के संप्रेषण के क्षेत्र में किया जाता है,

जिनका विवेचन एक-एक कर प्रस्तुत है: समाचार पत्र- समाचार पत्रों के माध्यम से व्यक्तियों को नवीन ज्ञान प्राप्त होता है, उसे अपने क्षेत्र में नवीनतम सूचनाएं प्राप्त होती हैं स्थानीय, प्रांतीय, राष्ट्रीय तथा विश्व स्तर की विभिन्न घटनाओं तथा व्यक्तियों आदि के विषय में जानकारी प्राप्त होती है।


जर्नल या शोध-पत्रिकायें - जर्नल, विभिन्न संस्थानों तथा एसोसिएशनों द्वारा प्रकाशित शोध पत्रिकायें होती हैं, जिनमें विषय विशेष पर नवीनतम शैक्षिक प्रपत्र तथा शोध पत्र प्रकाशित किए जाते हैं। कार्य पुस्तक (वर्क बुक) - कार्य पुस्तकें एक निश्चित उद्देश्यों की प्राप्ति के लिये तैयार की जाती है। वर्कबुक में छात्रों के करने के लिये विभिन्न कार्य दिए गए होते हैं जिन्हें छात्र करने के पश्चात् उन कार्यों में दक्षता प्राप्त करने का प्रयास करते हैं। ये कार्य विभिन्न विषयों के विभिन्न प्रकरणों से सम्बंधित होते हैं। वर्क बुक में विभिन्न प्रकृति तथा कठिनाई स्तरों के अभ्यास दिये गए होते हैं जिन्हें छात्रों को हल करना पड़ता है। वर्क बुक में पहले सरल और फिर कठिन प्रश्न कठिनाई स्तर में दिए होते हैं।

प्रत्येक वर्क बुक में प्रारम्भ में पूर्व ज्ञान के मापन हेतु एक परीक्षण रखा जाता है जो यह बताता है कि छात्र को उस विषय से संबंधित मूलभूत तत्वों का ज्ञान है अथवा नहीं। उसके पश्चात् विषय से संबंधित विभिन्न इकाईयों या प्रकरणों पर समस्यायें, प्रश्न अभ्यास दिए होते हैं । वर्क बुक में प्रत्येक प्रकार के अभ्यास हेतु आवश्यक निर्देश, संकेत तथा उत्तर (समस्या समाधान) दिये होते हैं।


शब्दकोश- शब्दकोश में हजारों लाखों शब्दों के अर्थ दिए होते हैं। कुछ शब्दकोषों में शब्दों के अर्थ स्पष्ट करने के लिये चित्रों की भी सहायता ली जाती है।


विश्वकोश (एनसाइक्लोपीडिया) - सामान्य शिक्षा के क्षेत्र में एनसाइक्लोपीडिया एक विशेष संदर्भ ग्रंथ है, जिसमें किसी भी चीज के विषय में विस्तृत जानकारी प्राप्त होती है। इस प्रकार के संदर्भ ग्रंथ, सामान्य शिक्षा के साथ-साथ विशिष्ट शिक्षा के क्षेत्रों में भी होते हैं।


एटलस - एटलस एक ऐसी पुस्तक है, जिसमें बहुत से नक्शे होते हैं, लेकिन एटलस नक्शों की पुस्तक से बहुत ज्यादा होती हैं। यह तो वास्तव में नक्शों के सहित भूगोल का विश्वकोश होता है अथवा भूगोल का यह एक प्रकार से शब्दकोष होता है, जिसमें विभिन्न स्थानों के नाम, पहाड़, नदियाँ, समुद्र आदि के विषय में ज्ञान प्राप्त होता है।


पुस्तकें - पुस्तक भी मुद्रित सामग्री है जिसका प्रयोग शिक्षक, विभिन्न प्रकार से कक्षा शिक्षण में करता है । पुस्तकें कई प्रकार की होती हैं- पाठ्य-पुस्तकों में पाठ्यक्रम के अनुसार पाठ्य-वस्तु तार्किक एवं मनोवैज्ञानिक क्रम में व्यवस्थित होती है। इन्हें पढ़कर शिक्षक और छात्र दोनों पाठ्य-वस्तु का ज्ञान प्राप्त करते हैं

तथा पाठ्य विवरण दोहराते हैं। पूरक पुस्तकें पाठ्य-पुस्तकों की व्याख्या करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। इन्हें सहायक पुस्तकें भी कहा जाता है। संदर्भ पुस्तकें वे पुस्तकें कहलाती हैं, जो गहन अध्ययन के लिये आवश्यक होती है। इनमें जर्नल्स, शब्दकोश, विश्वकोश आदि भी आते हैं। पाठ्य-वस्तु के विवरण में इन पुस्तकों के विषय में संकेत दिये होते हैं कि अधिक विस्तृत तथा गहन जानकारी के लिये इन पुस्तकों को पढ़ा जाना चाहिये। सामान्य पुस्तकों में अन्य सभी प्रकार की पुस्तकें आ जाती हैं, जिनसे छात्रों के ज्ञान में वृद्धि होती है। ये कथा, लेख, निबन्ध, कविता, संस्मरण, रिपोर्टस तथा उपन्यास आदि विभिन्न विधाओं का प्रयोग करती है।


हैन्डआउट - विभिन्न प्रशिक्षण संस्थानों द्वारा शिक्षण/प्रशिक्षण के विभिन्न विषयों / प्रकरणों / पक्षों पर हैन्डआउट का निर्माण किया जाता है। पाठ्य-पुस्तकों में तो विषय प्रकरण पर व्यापक दृष्टि से विषय सामग्री प्रस्तुत की जाती है जबकि हैण्डहाउट में विषय से संबंधित विशिष्ट सामग्री दी गयी होती है।