नाट्य रूपांतरण विधि के गुण , दोष - The merits and demerits of theatrical adaptation method

नाट्य रूपांतरण विधि के गुण , दोष - The merits and demerits of theatrical adaptation method


1. अभिनय कला प्राप्त शिक्षकों के लिए यह विधि उपयुक्त है।


2. सामाजिक जीवन की समस्याओं को बोधगम्य रूप से स्पष्ट किया जा सकता है।


3. यह विधि सभी छात्रों को समान अवसर प्रदान करती है।


4. छात्र क्रियाशील रहते हैं।


5. छात्रों के विभिन्न इंद्रियों को कुशल एवं प्रशिक्षित किया जा सकता है।


6. विषय ज्ञान को सरल, बोधगम्य, मनोरंजक बनाकर विषय ग्राह्यता को सुगम बना सकते है। 


7. छात्रों में सहयोग, सदभावना, सहिष्णुता आदि गुणों का विकास किया जा सकता है।


नाट्य रूपांतरण विधि के दोष 


1. यह विधि सभी पाठ्यक्रम के शिक्षण के लिए अनुपयुक्त है।


2. इनमें सभी छात्र सहभागी नहीं होते हैं।


3. यह विधि उच्च कक्षा के शिक्षण के लिए अनुपयुक्त है।


4. अभिनय कला प्राप्त कुशल शिक्षक का अभाव विधि की सफलता में बाधक होता है।


5. समय सारणी का नियोजन करना कठिन है।


6. अभिनय कला का अभाव, आर्थिक प्रभाव, संवादों की समस्या, समय का अभाव, अभिनायक सामग्री का अभाव आदि कारणों से इस विधि का प्रयोग सम्यक रूप से नहीं हो रहा है।