सामाजिक विज्ञान शिक्षण की विधियाँ - Methods of Teaching Social Science

सामाजिक विज्ञान शिक्षण की विधियाँ - Methods of Teaching Social Science


जॉन एमॉस कॉमेनियस ने कहा कि शिक्षक को अपना अध्यापन कार्य करते समय छात्रों की ज्ञानेन्द्रियों को जागृत करके ज्ञान एवं समझदारी को विकसित करना चाहिए। रूसो ने प्रगतिशील शिक्षकों के लिए क्रियाशीलता द्वारा सीखना, प्रयोग द्वारा सीखना, निरीक्षण द्वारा सीखना आदि सिद्धांतों का प्रतिपादन किया। रूसो के शिष्य पेस्टॉलॉजी ने अनुदेशन को मनोवैज्ञानिक बनाने पर बल दिया है। पेस्टॉलॉजी के शिष्य फ्रोबेल ने किंडरगार्टन पद्धति को और हरबर्ट ने अनुदेशन विधि को जन्म दिया। मेरिया मोंटेसरी ने स्व-शिक्षा द्वारा शिक्षा. फ्रोबेल ने खेल द्वारा शिक्षा, जॉन डिवी ने अनुभव द्वारा शिक्षा को शिक्षा का आधार बनाया है। आज शिक्षा का उद्देश्य केवल ज्ञान को शिक्षार्थी तक पहुँचाना ही नहीं बल्कि शिक्षार्थी का सर्वांगीण विकास है। अधिक से अधिक अनुभव उपलब्ध कराके शिक्षार्थी का विकास संभव है। सामाजिक अध्ययन की शिक्षा के उद्देश्यों की प्राप्ति के लिए शिक्षण विधि का स्थान महत्वपूर्ण है। निर्धारित उद्देश्यों की प्राप्ति कर बालकों में वांछित व्यवहारों में परिवर्तन लाने के लिए शिक्षण विधि उपयुक्त है।