शिक्षण विधियां - Methods of Teaching
शिक्षण विधियां - Methods of Teaching
फोबेल के मतानुसार बालक संगीत हाव-भाव तथा वस्तुओं के निर्माण के द्वारा अपने विचारों तथा भावनाओं को प्रकट करता है। उन्होंने बताया कि इतिहास का शिक्षण अभिनय तथा संगीत के द्वारा किया जाना चाहिए तथा बच्चे की कल्पना शक्ति का विकास उसके समक्ष ठोस उदाहरण प्रस्तुत करके करना चाहिए।
शिक्षक को चाहिए कि बच्चों के लिए गाने, चित्र तथा खेलों इत्यादि के चयन में बड़ी सावधानी से काम लें, क्योंकि उपयुक्त चयन पर बालक की रुचि निर्भर है, परंतु फोबेल इन तीन साधनों को इस प्रकार नहीं अपनाना चाहता था कि इनका जीवन से अथवा कोई पारस्परिक संबंध ही न रहे।
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