निर्देशन की प्रकृति - Nature of Guidance

निर्देशन की प्रकृति - Nature of Guidance


1. निर्देशन निरन्तर चलने वाली प्रक्रिया है ।


2. निर्देशन व्यक्ति पर बल न देकर समस्या पर बल देता है।


3. निर्देशन भावी जीवन की तैयारी में सहायक है। है


4. निर्देशन विद्यार्थियों को शिक्षा के क्षेत्र में समायोजित करने में मदद करता है।


5. यह सभी प्रकार के व्यक्तियों के लिए सेवा है।


6. निर्देशन का क्षेत्र बहुत व्यापक है।


7. निर्देशन सेवार्थी केन्द्रित प्रक्रिया है।


8. निर्देशन व्यक्ति को आत्मनिर्भर बनाता है।


9. निर्देशन एक प्रकार से संगठित सेवा है।


10. निर्देशन से स्वनिर्देशन की योग्यता का विकास होता है।


11. निर्देशन अनेक सेवाओं का समूह है।


12. निर्देशन व्यक्ति को जीवन में औपचारिक तथा अनौपचारिक दोनों रूपों में अपना योगदान देता है।


13. निर्देशन अपने दृष्टिकोण को दूसरे पर थोपना नहीं है


14. यह शिक्षा की एक अर्न्तनिहित प्रक्रिया है। 


15.निर्देशन एक सामान्यीकृत तथा विशिष्टीकृत सेवा है। अर्थात् माता-पिता परिवार से भी व्यक्ति निर्देशन प्राप्त करता है और प्रशिक्षित व्यक्तियों से भी निर्देशन प्राप्त करता है।