सांख्यिकी की आवश्यकता एवं महत्व - Need and Importance of Statistics

सांख्यिकी की आवश्यकता एवं महत्व - Need and Importance of Statistics


सांख्यिकी आँकड़ो के संकलन, वर्गीकरण, प्रस्तुतीकरण, विश्लेषण तथा विवेचन से संबंधित विज्ञान है। मानव जीवन में सांख्यिकी के ज्ञान का अत्यन्त महत्व है। मापन तथा मूल्यांकन के क्षेत्र में तो सांख्यिकी एक अत्यंत विशिष्ट तथा महत्वपूर्व भूमिका अदा करती है। मापन उपकरणों के निर्माण में प्राप्ताकों के विश्लेषण व व्याख्या करने में सांख्यिकी की विभिन्न प्रविधियों का प्रयोग अनिवार्य हो जाता है।


आँकड़ों को संकलित करने, वर्गीकृत करने, सारणीबद्ध करने, प्रस्तुत करने तथा रेखाचित्रीय निरूपण करने का कार्य सांख्यिकी के अंतर्गत ही आता है। संकलित प्राप्ताकों का मध्यमान, मध्यांक, बहुलांक, प्रसार तथा मानक विचलन आदि की गणना भी सांख्यिकी के क्षेत्र में आता है। विभिन्न शतांको व दशांको की गणना, सहसंबंध गुणांक ज्ञात करना व पूर्वानुमान लगाना, मानक प्राप्ताकों को ज्ञात करना आदि भी सांख्यिकी के कार्य क्षेत्र में ही आते हैं।