वस्तुनिष्ठ परीक्षा-प्रकार - Objective-type Tests Types
वस्तुनिष्ठ परीक्षा-प्रकार - Objective-type Tests Types
वस्तुनिष्ठ परीक्षा का तात्पर्य मापन की उस प्रविधि अथवा परीक्षा से है जिसका निर्माण निबंधात्मक परीक्षाओं के दोषों को दूर करने के लिए किया जाता है। इनके द्वारा विद्यार्थियों की ज्ञान की उपलब्धि, योग्यता, अभिवृत्ति, अभिरुचि तथा बुद्धि आदि का परीक्षण थोड़े समय में किया जा सकता है। शैक्षणिक निष्पत्ति के मापन हेतु सैकड़ों वस्तुनिष्ठ परीक्षाएँ बनाई जाती है और आज भी विभिन्न प्रकार की वस्तुनिष्ठ परीक्षाओं का प्रयोग विद्यार्थियों की निष्पत्ति के मापन के लिए किया जाता है।
• बहुनिर्वचन रूप (Multiple Choice Type )
• समानता रूप (Matching type )
• वर्गीकरण रूप (Classification Type )
• सादृश अनुभव रूप ( Analogy Type)
1. प्रत्यास्मरण रूप ( Recall Type )
(1) सरल प्रत्यास्मरण परीक्षाएँ (Simple Recall Type Tests) प्रत्यास्मरण परीक्षाएँ उन को कहते हैं जिनमें विद्यार्थियों के तथ्यात्मक ज्ञान की परीक्षा लेने के लिए प्रश्न पूछे जाते हैं। इन प्रश्नों के उत्तरों को विद्यार्थी अपनी स्मृति अथवा पूर्व अनुभवों के आधार पर केवल एक शब्द या संख्या में देते हैं।
उदाहरण- 1. भारत कब स्वतंत्र हुआ ?
2. एक मिनट में कितने सैकेंड होते हैं ?
(2) वाक्य पूर्ति परीक्षाएँ (Completion Test)- इन परीक्षाओं के निर्माण में परीक्षक प्रश्न में एक अथवा दो शब्दों को छोड़ देता है।
विद्यार्थी वाक्य रिक्त स्थान अथवा स्थानों को प्रत्यास्मरण की सहायता से पूरा करते हैं। उदाहरण-निर्देश-निम्नलिखित वाक्यों में रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए
(1) गाजर एक……… जड़ है।
2. अभिज्ञान रूप (Recognition Type Test )
(1) एकांतर अनुक्रिया रूप (Alternate Response Type)- इसमें एक कथन होता है। वह सत्य या असत्य होता है। विद्यार्थी को दो विकल्पों में से एक को छाँटने के लिए कहा जाता है। इस प्रकार इन प्रश्नों का कभी-कभी 'हाँ या नहीं' में उत्तर देना पड़ता है। इस कारण इन्हें 'हाँ या नहीं' वाले प्रश्न भी कहा जाता है।
उदाहरण-निर्देश- निम्नलिखित कथन सही हो तो सत्य और गलत हो तो असत्य को रेखांकित कीजिए
(1) सूर्य से पृथ्वी तक ऊष्मा का संचरण संवाहन द्वारा होता है। (सत्य, असत्य) (2) पत्तियों का हरा रंग क्लोरोफिल के कारण होता है। (सत्य, असत्य)
(2) बहुनिर्वचन रूप (Multiple Choice Type Tests) - ऐसे पदों में एक कथन के उत्तर के रूप अनेक विकल्प दिए रहते हैं। विद्यार्थी को इनमें से सबसे उपयुक्त सही विकल्प को छाँटना होता है। इस प्रकार के पद जटिल विचार अथवा व्याख्याओं की जाँच के लिए प्रस्तुत किए जाते हैं। उदाहरण-निर्देश-सही उत्तर पर निशान (√) लगाइए
(3) तापमान नापने के लिए जिस उपकरण का प्रयोग किया जाता है उसे कहते हैं-
(i) बैरोमीटर
(ii) लैक्टोमीटर
(iii) हाड्रोमीटर
(iv) थर्मामीटर
3. समानता रूप (Matching Type Tests )
इस प्रकार के पद में दो स्तम्भों में कुछ शब्द, संख्याएँ, संकेत, परिभाषा आदि दी होती हैं। विद्यार्थी से स्तम्भ के पदों की दूसरे स्तम्भ के पदों के साथ तुलना के लिए कहा जाता है। इनके द्वारा विद्यार्थी संबंधों की पहचान करना सीखते हैं। उदाहरण-निर्देश-स्तम्भ "अ" के बाएँ कोष्ठक में स्तम्भ "ब से सही पदों को चुनकर उनकी संख्या लिखिए
स्तम्भ (अ) स्तम्भ (ब)
1. लम्बाई i. स्प्रिंगतुला
2. धारा ii. वर्नियर पैमाना
3. भार iii. विभवमापी
4. विभवांतर iv. एमीटर
4. वर्गीकरण रूप (Classification Type Tests )
इस प्रकार के प्रश्नों के अंतर्गत कुछ ऐसे शब्दों का समूह विद्यार्थियों के समक्ष रखा जाता है
जिनमें से एक शब्द असंगत या बेमेल होता है। विद्यार्थी से उस बेमेल शब्द को छाँटने के लिए कहा जाता है। इस प्रकार के प्रश्नों की रचना करते समय इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि एक प्रश्न में 5 या 6 शब्द हों। साथ ही उनमें एक संबंध हो। उदाहरण-निर्देश- प्रत्येक प्रश्न में पाँच शब्द दिए हुए हैं, प्रत्येक प्रश्न के इन पाँच शब्दों में एक ऐसा शब्द है जो अन्य चार शब्दों की श्रेणी में नहीं रखा जा सकता। प्रत्येक प्रश्न में ऐसे शब्द के नीचे रेखा खींचिए तोता, चमगादड़, कोयल, गिलहरी, पतंग।
5. सादृश अनुभव रूप (Analogy Type Tests )
इनमें दो समान परिस्थितियों को प्रस्तुत किया जाता है। पहली परिस्थिति पूर्ण, दूसरी अपूर्ण होती है। पहली परिस्थिति के आधार पर समान संबंध स्थापित करते हुए दूसरी परिस्थिति की पूर्ति की जाती है। उदाहरण-निर्देश-निम्नांकित प्रश्नों में दो परिस्थितियाँ प्रयुक्त की गई हैं। दूसरी परिस्थिति अपूर्ण है। पहली के आधार पर दूसरी की पूर्ति कीजिए।
(1) आमाशय: पाचन :: हृदय
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