बजटरी नियन्त्रण के उद्देश्य - Objectives of Budgetary Control

बजटरी नियन्त्रण के उद्देश्य - Objectives of Budgetary Control


बजटरी नियन्त्रण के प्रमुख उद्देश्य निम्नलिखित है:


(1) व्यवसाय के सुसंचालन के लिए विधिवत् नियोजित करना और उत्पाद पर मौसमी परितर्वनों के कुप्रभावों को दूर करना।


(2) व्यवसाय की समस्त क्रियाओं में समन्वय स्थापित करना बजटरी नियन्त्रण से विभिन्न विभागीय क्रियाओं को इस प्रकार समन्वित किया जाता है जिससे कि सभी विभाग संस्था के समान उद्देश्य की प्राप्ति के लिए प्रयत्नशील रहें।


(3) विभागीय क्रियाओं पर सर्वोच्च प्रबन्ध का नियन्त्रण सफल बनाना।


(4) सर्वोच्च प्रबन्ध को प्रशासकीय शक्ति व उत्तरदायित्व के विकेन्द्रीकरण में सहायता करना।


(5) जब अप्रत्याशित दशायें बजट को प्रभावित करें तो प्रबन्ध निर्णयों में मार्गदर्शन


( 6 ) किसी संयन्त्र के विभागों, उप-विभागों और लागत केन्द्रों का कुशलतम तरीके से संचालन।


(7) आगमों और व्ययों को नियोजित एवं नियन्त्रित करके तथा अपव्ययों को रोक करके व्यवसाय को अधिकतम कार्यकुशल और लाभप्रद बनाना तथा विनियोजित पूंजी पर उचित प्रत्याय आश्वस्त करना


(8) स्कन्ध नियन्त्रण कुशल बनाना।


(9) व्यवसाय के पूंजी व्ययों को पूर्व निर्धारित करना व उनकी अधिकतम लाभप्रद दिशायें निर्देशित करना


(10) विकास एवं अनुसंधान पर नियन्त्रण |


(11) व्यवसाय में पर्याप्त कार्यशील पूंजी की व्यवस्था करना जिससे उत्पादन कार्य निर्विध्न चलता रहे।


(12) पूंजी को अधिक मितव्ययी उपयोग में लगाना ।


( 13 ) वास्तविक परिणामों के मूल्यांकन का आधार प्रदान करना। इसके लिए वास्तविक निष्पादनों की बजट के पूर्वनिर्धारित लक्ष्यों से तुलना की जाती है।


( 14 ) विभिन्न विभागाध्यक्षों के दायित्व का निर्धारण करना और इन्हें क्षम्य बनाना ।


(15) प्रबन्ध को सुधारात्मक कार्यवाही के लिए उपयुक्त अवसर बतलाना


(16) सभी विभागीय अधिकारियों में सहयोग की भावना विकसित करना ।