सकारात्मक विभेद की उत्पत्ति - Origin of positive differentiation

 सकारात्मक विभेद की उत्पत्ति - Origin of positive differentiation


'सकारात्मक विभेद' एक पश्चिमी अवधारणा है। इसके अलावा पश्चिमी जगत में इसके लिए एक और शब्द 'अफरमेटिव एक्शन का प्रयोग में किया जाता है, जो काफ़ी प्रचलन में है। यह सबसे पहले यूनाइटेड स्टेट्स में 6 मार्च, 1961 को जॉन एफ केनेडी के हस्ताक्षर से जारी एजीक्यूटिव आर्डर 10925 के रूप में अस्तित्व में आया। सन 1965 में लायडॉन बी जॉनसन ने अपने एक एजीक्यूटिव आदेश 11246 के में जरिए सरकारी कर्मचारियों के लिए कुछ विशेष प्रावधान किए। बाद में सन 1967 में लिंग विभेद को भी इसके अंतर्गत स्वीकार कर लिया गया। आगे चलकर दुनिया के तमाम देशों में इसे किसी-न-किसी रूप में अपनाया और भारत में यह जाति आधारित कोटे और विभिन्न तरह के आरक्षणों के रूप प्रचलित हैं और इसे हम स्त्री आरक्षण के रूप भारतीय संदर्भ में समझने की कोशिश करेंगे।