विधेयक पर अन्य आपत्तियाँ -Other Objections to the Bill

 विधेयक पर अन्य आपत्तियाँ - Other Objections to the Bill


मौजूदा स्त्री आरक्षण विधेयक को लेकर कुछ स्त्री संगठन और कार्यकर्ताएं स्त्री सशक्तिकरण के लिए इस जगह एक वैकल्पिक विधेयक की माँग करती हैं। वामदल, अधिसंख्य वामपंथी रूझान के सूत्री संगठन व बड़ी राजनीतिक पार्टियाँ इस विधेयक के समर्थन में हैं, जबकि पिछड़े समुदाय के राजनेताओं का प्रबल विरोध हैं। उनका मानना है कि पिछड़े समुदाय के अनेक बड़े नेता संसद से बाहर हो जायेंगे। इसलिए समाजवादी पार्टी राष्ट्रीय जनता दल, लोक जनशक्ति पार्टी, बहुजन समाज पार्टी आदि पार्टियाँ इस विधेयक का विरोध करती हैं और स्त्रीयों के लिए आरक्षित एक-तिहाई सीटों में पिछड़ी जातियों और अल्पसंख्यक समुदाय की स्त्रीयों के लिए आरक्षण की माँग करती हैं। इसे कोटा भीतर कोटा का नाम दिया जाता है। इन पार्टियों के सबल विरोध के चलते यह विधेयक पारित नहीं हो सका। स्त्री आरक्षण विधेयक पारित न हो पाने की स्थिति में भी स्त्रीयों के सशक्तिकरण के लिए राजनीतिक प्रयासों पर भी कुछ प्रयास हुए हैं और उनके हितों के संरक्षण व संवर्द्धन के लिए कतिमय निकायों की स्थापना हुई है। इस क्रम में राष्ट्रीय स्त्री आयोग की चर्चा भी सर्वथा उपयुक्त रहेगी।