लोगों की निराशावादी मानसिकता - pessimistic mindset of people
लोगों की निराशावादी मानसिकता - pessimistic mindset of people
पर्यावरण शिक्षा कार्यक्रम का यदि सूक्ष्म विश्लेषण किया जाय तो यह बात सामने आती है कि पर्यावरण शिक्षा में मनुष्य ने पर्यावरण को कितना नुकसान पहुँचाया है इस बात पर ज्यादा बल दिया जाता है वनिस्पत इसके कि विभिन्न संस्थाओं तथा लोगों द्वारा पर्यावरण संरक्षण हेतु क्या प्रयास किये जा रहे हैं। परिणामस्वरूप बच्चे तथा युवा वर्ग निराशावादी मानसिकता का शिकार हो जाते हैं। वे समझने लगते हैं कि पर्यावरण की समस्याओं को नियंत्रित करना असंभव सा है । अतः उनमें नवीन ऊर्जा के संचार हेतु पर्यावरण शिक्षा द्वारा अलग-अलग परिस्थितियों में चल रहे विभिन्न पर्यावरण सुरक्षा कार्यक्रम,
विशेष रूप से ऐसे कार्यक्रम जिसमें बच्चों तथा युवाओं की सक्रिय भागीदारी है, से भी परिचित करना चाहिए। उनमें यह भाव उत्पन्न करने की आवश्यकता है कि सामूहिक प्रयास के साथ साथ समाज के प्रत्येक व्यक्ति द्वारा उठाया गया व्यक्तिगत प्रयास भी पर्यावरण सुरक्षा में महत्वपूर्ण होता है।
इस प्रकार यह स्पष्ट है कि यदि हमें पर्यावरण के क्षेत्र में नए नेतृत्व को विकसित करना है तथा लोगों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति संवेदनशील बनाना है तो पर्यावरण शिक्षा को उपर्युक्त सभी कारकों एवं चुनौतियों का सामना करने के लिए पुनर्गठित करना होगा।
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