व्यावसायिक समायोजन - professional adjustment
व्यावसायिक समायोजन - professional adjustment
उपयुक्त समायोजन की स्थापना निर्देशन का एक महत्वपूर्ण लक्ष्य है। जीवन के विविध क्षेत्रों में से व्यावसायिक क्षेत्र में समायोजन स्थापित करने के लक्ष्य में व्यावसायिक निर्देशन के माध्यम से सहयोग प्रदान किया जाता है।
व्यावसायिक जीवन क्षेत्र के अनेक पक्ष होते हैं। व्यावसायिक समायोजन प्रथम दृष्टि में बहुधा उतना व्यापक अर्थ में नहीं ग्रहण किया जाता है जितना कि यह वस्तुतः व्यापक होता है। एक व्यक्ति को व्यावसायिक क्षेत्र में अपने कार्य विशेष, कार्य की दशाओं, कार्य सम्पादित करने के लिए आवश्यक कार्य कलापों के साथ समायोजन स्थापित करना होता है तथा कार्य स्थल के समय समग्र परिवेश के साथ समायोजन स्थापित करना होता है। व्यक्ति की सफलता और सन्तुष्टि निर्धारित कार्य को कुशलतापूर्वक पूरा करने, कार्य सम्बन्धी लक्ष्य को प्राप्त कर लेने मात्र से सुनिश्चित नहीं हो सकती है।
कार्यस्थल पर भौतिक और सामाजिक परिवेश के अनेक ऐसे आयाम देखे जा सकते हैं जो व्यक्ति की सन्तुष्टि और सुखानुभूति को प्रभावित करते हैं। कार्य स्थल पर व्यक्ति के सहकर्मी, अधिकारी, कनिष्ठ, ग्राहक, आपूर्तिकर्त्ता (सप्लायर), बैंकर तथा अन्य अनेक सामाजिक प्रतिनिधि एक-दूसरे के साथ विभिन्न व्यावसायिक उद्देश्यों की पूर्ति के लिए सम्पर्क में आते हैं। उक्त व्यावसायिक सम्बन्ध न्यूनाधिक सामाजिक सम्बन्धों की एक ऐसी संरचना का निर्माण करते हैं जिसकी गुणवत्ता व्यक्ति को कार्य स्थल पर अपने व्यवसाय से प्राप्त होने वाली सुखानुभूति की मात्रा को प्रभावित करती है। सामाजिक परिवेश के अतिरिक्त भौतिक परिवेश तथा आर्थिक लाभ भी समायोजन स्थापित करने में महत्वपूर्ण कारक होते हैं। इस प्रकार स्पष्ट है कि व्यक्ति का व्यावसायिक समायोजन मात्र व्यक्ति की कार्यकुशलता द्वारा नियंत्रित नहीं होता है। व्यक्ति के गुणों और विशेषताओं तथा कार्य की मांग या जरूरतों के मध्य व्यावसायिक समायोजन हेतु संतुलन स्थापित करने के अतिरिक्त कार्य स्थल पर अच्छे कोटि के भौतिक आर्थिक तथा सामाजिक परिवेश का भी विकास किया जाना आवश्यक है
कोई व्यक्ति किसी व्यवसाय का वरण आर्थिक लाभ हेतु करता है, किन्तु मात्र आर्थिक लाभ के माध्यम से उसका समायोजन सुनिश्चित नहीं हो जाता है। व्यक्ति के जीवन में अनेक आवश्यकताएं ऐसी होती है जिनकी पूर्ति व्यक्ति के जीवन में समायोजन की स्थापना सफलता की प्राप्ति और सुख बोध के लिए आवश्यक होती है अतः कोई व्यवसाय या कार्य व्यक्ति को अपेक्षाकृत कम आर्थिक लाभ प्रदान करे किन्तु अन्य महत्वपूर्ण आवश्यकताओं की पूर्ति करता हो तो आर्थिक दृष्टि से कम लाभकारी प्रतीत होने वाले कार्य से भी व्यक्ति करे अधिक संतुष्टि और समायोजन की प्राप्ति होगी।
समायोजन की स्थापना में व्यक्ति की आवश्यकताओं तथा परिवेश की दशाओं के अतिरिक्त व्यक्ति की सामाजिक दक्षता भी एक महत्वपूर्ण कारक है । व्यक्ति अन्य व्यक्तियों के साथ उपयुक्त समायोजन करने में निपुण है तो समायोजन सरलतापूर्वक स्थापित हो सकता है। व्यावसायिक निर्देशन का व्यावसायिक समायोजन के क्षेत्र में प्रमुख कर्तव्य यह है कि -
1. कार्य स्थल पर ऐसे परिवेश का विकास करने में सहयोग दिया जाए जिससे कार्य असंतोष में कमी आये तथा कार्य संतोष में वृद्धि हो, तथा
2. व्यक्तियों को कार्य स्थल पर सामाजिक संबंधों की स्थापना मेंनिपुणता, दक्षता अर्जित करने हेतु सहयोग दिया जाए।
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