अल्प पुंजीकरण के प्रभाव - Remedies on under Capitalization
अल्प पुंजीकरण के प्रभाव - Remedies on under Capitalization
अल्प पूंजीकरण की स्थिति से कंपनी को बाहर करने के लिए निम्नलिखित उपाय किए जा सकते हैं-
1. नये पूजी अशो का निर्गमन करना (Fresh Issue of Capital) अल्प पूजीकरण की स्थिति के वजह से कम्पनी में कम पुँजी है तो कम्पनी ने नये अंश का निर्गमन कर पूजी प्राप्त करना लाभदाई होता है।
2 बोनस शेयर जारी करना (Issue of bonus Shares ) कंपनी लाभांश का भुगतान किए बिना अपनी कुल आय का वितरण करके बोनस शेयर जारी कर सकती है, ताकि लाभप्रदता दर अधिक न हो और अनय साइड इफेक्ट प्रभावित नहीं होंगे। बोनस के वितरण की वजह से प्रति शेयर आय का प्रतिशत कम हो जाएगा।
3. अंश के मूल्य में कमी करना ( Deduction in Share Price ) - ऊंची लागत के अंश को कम कीमत के अंशों में विभाजित करना यह सबसे अच्छा तरीका अल्प पूंजीकरण की स्थिति से कपनी को बाहर करने के लिये है। इसलिए प्रति शेयर लाभांश में औसत कटौती से बचा जा सकता है और इसके प्रभाव से बचा जा सकता है।
4. गुप्त संचय निर्माण ना करना (Stop in Creating secret Reserve) – गुप्त संचय का निर्माण कंपनी की अल्प पूंजीकरण स्थिति बनाता है। इसलिए, निदेशक के लिए गुप्त सचय के निर्माण को रोकना बेहद आवश्यक माना जाता है। इस प्रकार किसी भी कपनी के लिए अति पूजीकरण और अल्प पूजीकरण दोनों की खराब हैं। अगर कपनी में ऐसा कोई स्थिति नहीं है, तो उचित पूंजीकरण हुवा है ऐसा माना जाता है। इस प्रकार, कम्पनी के वित्तीय नियोजन करते वक्त उचित पूजीकरण करने के लिए ऐसे प्रयासों के आयोजन प्रबंधक के द्वारा किया जाना चाहिए।
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