मंत्रिमंडल में प्रतिनिधित्व - representation in the cabinet

 मंत्रिमंडल में प्रतिनिधित्व - representation in the cabinet

विधायिका में प्रतिनिधित्व के समान ही सरकार के कार्यों और नीति निर्माण में भी दलित वर्ग को अवसर मिलना चाहिए। यह तभी संभव हो सकता है जबकि इस वर्ग को मंत्रिमण्डल में स्थान मिले, इसलिए अन्य अल्पसंख्यकों के समान ही दलित वर्ग का दावा है कि मंत्रिमण्डल में उसके नैतिक अधिकारों को मान्यता दी जाए। अम्बेडकर का मानना था कि सत्ता की प्राप्ति करने वाले अछूत न केवल अपने जन्म सिद्ध अधिकारों को हासिल कर सकते हैं अपितु राज्य भी अपनी सम्पूर्ण इच्छा शक्ति से दलितों के कल्याण व न्याय की प्राप्ति में सहायक हो सकता है। उनका दृढ़ मत था कि राजनीतिक सत्ता में भागीदार बनकर ही दलित वर्ग राज्य की मशीनरी का प्रयोग अपनी मुक्ति के लिए कर सकते हैं।