प्रबन्ध लेखापाल / नियन्त्रक का उत्तरदायित्व - Responsibility of Management Accountant or Controller
प्रबन्ध लेखापाल / नियन्त्रक का उत्तरदायित्व - Responsibility of Management Accountant or Controller
प्रबन्ध लेखापाल का महत्वपूर्ण कार्य विभिन्न स्तरों के प्रबन्धकों को सूचनाएं प्रेषित करना तथा उसकी व्याख्या करना होता है। प्रबन्ध लेखापाल द्वारा प्रेषित सूचनाओं के आधार पर ही प्रबन्धक व्यवसाय के सन्दर्भ में महत्वपूर्ण निर्णय लेते है। इस सम्बन्ध में एक प्रश्न यह उठता है कि उसके द्वारा दी गई सूचनाओं के आधार पर यदि प्रबन्धक गलत निर्णय लेते हैं तो उसके लिये किसे उत्तरदायी ठहराया जाये-प्रबन्ध लेखापाल को अथवा प्रबन्धकों को इस सम्बन्ध में निम्नलिखित दो बातें ध्यान में रखनी चाहिये
(1) मामले की स्थिति (Condition of Matter) यदि प्रबन्ध लेखापाल अपनी पूर्ण सावधानी के साथ प्रबन्धकों को सूचना प्रेषित करता है तथा उन्हें इस प्रकार प्रबन्धकों के समक्ष रखता है,
ताकि उसका सही निर्वचन हो सके तो इसके लिए प्रबन्ध लेखापाल उत्तरदायी नहीं ठहराया जा सकता है। इसके विपरीत, यदि लेखापाल द्वारा प्रेक्षित सूचनाएं त्रुटिपूर्ण, अशुद्ध, पक्षपातपूर्ण तथा भ्रमोत्पादक हैं तथा उनके आधार पर गलत निर्णय हो गये हैं तब ऐसी स्थिति में प्रबन्ध लेखापाल को निःसन्देह उत्तरदायी ठहराया जा सकता है।
(2) प्रबन्ध लेखापाल की स्थिति (Position of Management Accountant) प्रबन्ध लेखापाल के उत्तरदायित्व के सम्बन्ध में संस्था में उसकी स्थिति पर भी ध्यान दिया जाना चाहिये यदि प्रबन्ध लेखापाल की स्थिति केवल सूचनाओं के अभिलेखन तथा उक्त सूचनाओं को प्रेषित करने तक ही •सीमित है तो उसके द्वारा प्रेषित सूचनाओं के आधार पर किये गये गलत प्रबन्धकीय निर्णयों हेतु उसे उत्तरदायी नहीं ठहराया जा सकता है। इसके विपरीत, यदि प्रबन्ध लेखापाल सूचनाओं के अभिलेखन तथा प्रेषण के साथ-साथ व्यावसायिक क्रियाओं के नियोजन, नीति निर्धारण तथा निर्णयन में भी सक्रिय भाग लेता है अर्थात् वह भी प्रबन्ध समुदाय का एक महत्वपूर्ण सदस्य है तो ऐसी स्थिति में गलत प्रबन्धकीय निर्णयों के लिए भी उत्तरदायी ठहराया जायेगा।
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