बच्चों के संज्ञानात्मक विकास में परिवार, शिक्षक तथा जन-संचार की भूमिका - Role of family, teacher and mass communication in cognitive development of children

बच्चों के संज्ञानात्मक विकास में परिवार, शिक्षक तथा जन-संचार की भूमिका - Role of family, teacher and mass communication in cognitive development of children


बच्चे के संज्ञानात्मक विकास में केवल बच्चा ही नहीं है अपितु उसका संदर्भ भी एक महत्वपूर्ण भूमिका अदा करता है। अतः हम कह सकते हैं कि बच्चे के संज्ञानात्मक विकास में सामाजिक संदर्भ में बालक के करीबी और प्रत्यक्ष जैसे परिवार, शिक्षक आदि से लेकर सांस्कृतिक नियमों, न्यायपालिका जैसे अप्रत्यक्ष संस्थाओं का भी महत्वपूर्ण योगदान होता है। इसे समझने के लिए यूरी ब्रोनफेनब्रेनर के जैव-पारिस्थितिक मॉडल का सिद्धांत मदद करता है। इसके अनुसार, एक बच्चे (या व्यक्ति विशेष) को कई प्रकार के सामाजिक तथा सांस्कृतिक कारक प्रभावित करते हैं जो पारिस्थितिकी का निर्माण करते हैं। इन सामाजिक तथा सांस्कृतिक कारकों में सबसे पहले सूक्ष्मतंत्र (Microsystem) आता हैं। सूक्ष्मतंत्र (Microsystem )के अंतर्गत बच्चे के आसपास के करीबी लोग आते हैं जैसे परिवार, शिक्षक आदि। ये सभी बालक को प्रत्यक्ष रूप से प्रभावित करते हैं तथा बालक उन्हें प्रभावित करते हैं।

अगले तंत्र में मध्यवर्तीतंत्र (Mesosystem) आता है, इसमें परिवार, शिक्षक तथा अन्य इकाइयाँ आपस में क्रिया करती हैं जिसका असर बालक पर पड़ता है। हालांकि इन इकाइयों की आपसी प्रक्रिया में बच्चा कोई हस्तक्षेप नहीं कर सकता। इन परस्पर क्रियाओं में परिवार के लोग आपस में शिक्षक को प्रभावित करते हैं, शिक्षक परिवार के लोगों को तथा यह सभी बालक को प्रभावित करते हैं। बहितंत्र (Exosystem) के अंतर्गत वह सामाजिक कारक आते हैं, जिनका बच्चे पर अप्रत्यक्ष रूप से असर पड़ता है। जैसे शिक्षक का विद्यालय के प्रशासन से संबंध माता-पिता की व्यवस्था उनकी आय आदि। अंत में (Macrosystem) आते हैं जिसके अंतर्गत सभी वर्हितंत्र (Exosystem) आते हैं। ये सभी तंत्र आपस में परस्पर क्रिया करते हैं। Macrosystem (समष्टि ढाँचे) के अंतर्गत समाज के मूल्य, नियम, कायदे-कानून, रीति रिवाज आदि। ब्रोनफेनबेनर के पारिस्थितिक मॉडल से पता चलता है कि परिवार का बच्चे के विकास में महत्वपूर्ण और प्रत्यक्ष योगदान है। आइए परिवार के इन्हीं महत्वपूर्ण पहलुओं पर विचार करें।