समाचार पत्रों की भूमिका - role of newspapers
समाचार पत्रों की भूमिका - role of newspapers
समाचार-पत्र जनसंचार के महत्वपूर्ण माध्यम हैं। जनसंचार माध्यमों के तहत् दृश्य-श्रव्य माध्यम का हालांकि सीधा प्रभाव पड़ता है, परन्तु अखबार या पत्रिका का महत्व अपेक्षाकृत स्थायी होता है। हमें ज्ञात है कि जो भी लिखित शब्द मुद्रित रूप में आ जाता है, उसे सावधानी से पढ़ा जाता है और कई बार पढ़ा जाता है। जनमत के एक सशक्त प्रवक्ता के रूप में प्रेस ने सामाजिक और धार्मिक परिवर्तन लाने में विशेष योगदान दिया है। आज का समाचार-पत्र महज एक खबरनामा ही नहीं है। वह ज्ञान की विभिन्न विधाओं पर सामयिक लेख प्रकाशित कर अपने पाठकों को शिक्षित करता है।
अब विज्ञान, कृषि, खेल, साहित्य, पर्यावरण, शिक्षा, कानून, चिकित्सा तथा अन्य विधाओं के लिए अलग-अलग संवाददाता होते हैं जो कि अपने विषय का विशिष्ट ज्ञान रखते हैं। इन विशिष्ट लेखों के द्वारा पर्यावरण से सम्बन्धित जानकारी जन साधारण तक पहुँचायी जाती है। किन्तु इस समय समाचार पत्रों की सबसे बड़ी चुनौती नागरोंन्मुखी से ग्रामोन्मुखी होने मे हैं क्योंकि जब तक यह 80 प्रतिशत जनता का प्रवक्ता नहीं बन जाता तब तक यह अपनी सार्थकता को सिद्ध नहीं कर सकता और पर्यावरण के सम्बन्ध में जागरूकता पैदा करने की हमारी सारी कोशिशें बेकार हो जाएगी।
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