रेडियो की भूमिका - role of radio
रेडियो की भूमिका - role of radio
रेडियो जनसंचार का ऐसा प्रभावी माध्यम है जो एक ही समय में स्थान और दूरी को लाँघकर विश्व के एक कोने से दूसरे कोने तक पहुँच जाता है। रेडियो पर्यावरण के सम्बन्ध में सूचना देता है, शिक्षा देता है एवं मनोरंजन के माध्यम से पर्यावरण के सम्बन्ध में अवबोध विकसित करता है। आकाशवाणी में विभिन्न समस्याओं को लेकर वार्ताएँ और अनुसन्धान के परिणामों आदि को प्रस्तुत किया जाता है । रेडियो पर शैक्षिक कार्यक्रम, सामाजिक कार्यक्रम तथा कृषि कार्यक्रम आदि प्रस्तुत किये जाते हैं, जिससे यह शहरों में हीं नहीं ग्रामीण इलाकों में भी पर्यावरण की जागरूकता फैलाने के प्रति सक्षम रहा है। पेड़ों की अंधाधुंध कटाई के विरूद्ध समाचारों के बीच विविध सन्देश होते हैं जैसे परिवार कल्याण के संदेश,
साक्षरता अभियान से सम्बन्धित संदेश जो लोगों में जागरूकता उत्पन्न करते हैं।
भारत जैसे विकासशील देश के लिए रेडियो का महत्व बहुत है, क्योंकि इस समय यही एकमात्र जनसंचार का माध्यम है जो भारत की अधिकतम जनसंख्या तक सहज रूप में पहँचता है। रेडियो की सम्भावनायें बहुत अधिक हैं बशर्ते कि इनके द्वारा प्रस्तुत कार्यक्रम व्यापक और यथार्थ रूप से रूचिकर हो । कहना न होगा कि विभिन्न क्षेत्रीय भाषाओं में पर्यावरण से सम्बन्धित कार्यक्रम प्रस्तुत कर पर्यावरण के सम्बन्ध में जागरूकता उत्पन्न की जा सकती है।
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