उपग्रह आधारित संप्रेषण - satellite based communication

उपग्रह आधारित संप्रेषण - satellite based communication


उपग्रह आधारित संप्रेषण आधुनिक युग का एक नवीन प्रयोग है। इस प्रणाली में सैटेलाइट के माध्यम से अनुदेशन प्रोग्राम प्रसारित किए जाते हैं। इन उपग्रहों को आकाश में 35,650 कि.मी. की ऊँचाई पर विषुवत रेखा पर प्रक्षेपित किया गया है। यह एक दीर्घवृत्ताकार कक्षा में घूमते हैं तथा 24 घण्टे में अपना एक चक्कर पूरा करते हैं। इनकी घूमने की गति पृथ्वी के घूमने की गति के समान होती है जिससे यह स्थिर प्रतीत होते हैं । इनसे माइक्रो इलेक्ट्रानिक तरंगे निकलती है जिनका प्रयोग दूरदर्शन संप्रेषण में किया जाता है। सन् 1975 में संयुक्त राज्य अमेरिका की सहायता से प्रथम उपग्रह सुविधा का उद्घाटन किया गया जिसे Satellite Instructional Television Experiment (SITE) नाम दिया गया यह भारत का प्रथम प्रयोग था । SITE का प्रयोग ग्रामीण क्षेत्र की जनसंख्या के लिए किया गया।

इसके बाद INSAT ( Indian National Satellite - INSAT- IA, INSAT- IB) आदि को स्थापित किया गया। भारतीय राष्ट्रीय उपग्रह, स्कूली शिक्षा, विश्व विद्यालयी शिक्षा, प्रौढ शिक्षा, कृषि शिक्षा संबंधी विभिन्न कार्यक्रमों का प्रसारण करता है। साइट के अंतर्गत निम्न तीन प्रकार के लोगों के लिए शैक्षिक कार्यक्रम प्रसारित किए गए-


1. प्राथमिक तथा पूर्व प्राथमिक स्तर के बालकों के लिए 


2. प्राइमरी स्कूल के शिक्षकों के लिए,


3. आम जनता के लिए