विद्यालय प्रयोगशाला - School Laboratory

विद्यालय प्रयोगशाला - School Laboratory


प्रयोगशाला विद्यालय का बेहद महत्वपूर्ण अंग माना जाता है क्योंकि विज्ञान और तकनीकों के इस दौर में लगभग प्रत्येक विषय में शोधखोज, प्रयोग विभिन्न


प्रकार के लिए प्रयोगशाला की आवश्यकता होती है।


प्रयोगशाला का महत्व (Importance of Laboratory )


१) प्रयोगशाला विद्यार्थीयों एवं शिक्षकों के लिए महत्वपूर्ण है।


(२) प्रयोगशाला में विद्यार्थी क्रियाशील रहते है।


(३) प्रयोग के आधार पर निष्कर्ष निकालते है।।


४) कार्य और कारण के संबंधों के जोडने, तर्कपूर्ण विचार कर निर्णय लेने तथा छात्रों में रचनात्मक शक्ति विकास के लिए प्रयोगशाला की आवश्यकता होती है।


(५) प्रयोगशाला में कार्य करने में विद्यार्थियों में आत्मविश्वास बढ़ता है।


(३) प्रयोगशाला के निर्माण हेतु निम्नलिखित सुझाव है


१) नवीन निर्मित प्रयोगशाला में २४-३० विद्यार्थीयों के एक साथ बैठने की व्यवस्था होनी चाहिए।


(२) प्रयोगशाला में मेज तथा उनके बीच सिंक की व्यवस्था हो


३) सिक में निरंतर जलापूर्ति की व्यवस्था हो।


(४) प्रयोगशाला में आवश्यक सामान रखने हेतु आलमारियाँ बनाई जाए।


(५) प्रत्येक वस्तु पर उसका स्पष्ट नाम लिखा जाए।


६) गैस पाइप, विद्युत आपूर्ति तथा इसकी फिटिंग समुचित हो।


७) हवा आने-जाने के लिए रोशनदान हो।


(८) बढी खिड़कियाँ हो।


९) कमरे में अंधेरा करने के लिए काले पढ़ें लगे हो।


(१०) श्यामपट्ट हो।


११) सामान रखने के लिए स्टोर तथा उसमें पर्याप्त आलमारीया हो।


१२) प्रयोगशाला को आकर्षक बनाने के लिए वैज्ञानिकों के चित्र लगाये जाए।