जेंडर रूढ़िवाद को मिटाने के लिए कुछ सुझाव - Some tips for eradicating gender stereotypes
जेंडर रूढ़िवाद को मिटाने के लिए कुछ सुझाव - Some tips for eradicating gender stereotypes
1. बच्चों के पालन पोषण के तरीके- यह इस प्रकार होने चाहिए कि इसमें लड़के एवं लड़कियों के मध्य किसी भी प्रकार का विभेद न हो । जैसे-खिलौने खेलना, घर के कार्य दोनों को समान रूप से करना चाहिए।
2. समाजीकरण की प्रक्रिया - अधिगम, प्रशिक्षण एवं उम्मीदें दोनों से बराबर होने चाहिए। जैसे घर के कार्य सिर्फ़ लड़कियों से ही न कराकर लड़कों से भी कराने चाहिए। लड़कियों को भी स्वत्रंत रहने का अवसर देना चाहिए। उन्हें भी घर से बाहर के कार्य करने देना चाहिए।
3. तार्किक एवं सही सोच का निर्माण करना चाहिए - दोनों में भेद-भाव न करके सही एवं गलत का यथार्थ निर्णय करना चाहिए।
4. शिक्षा- दोनों को समान शिक्षा देना चाहिए स्कूल में विभिन्न प्रकार की गतिविधियों द्वारा समान अवसर प्रदान करना चाहिए। दोनों को समान रूप से प्रेरित करना चाहिए। लड़कियों को समूह का नेता बनने का मौका देना चाहिए।
5. धर्म- दोनों में समान धार्मिक मूल्यों का विकास करना चाहिए।
6. निम्न क्षेत्रों में समान अवसर प्रदान किया जाना चाहिए।
• विषय के चयन
• उच्च शिक्षा के लिया अवसर देना ।
• खेल - कूद के क्षेत्र में अवसर देना
• आर्थिक क्षेत्र में सहभागिता
• राजनीतिक क्षेत्र में सहभागिता
• सांस्कृतिक क्षेत्र में सहभागिता- जैसे समूह नृत्य लड़के एवं लड़कियों, दोनों के लिए, कृषि के कार्य
• एन.सी.सी., एन.एस.एस एवं स्काउट एंड गाइड दोनों के लिए होना चाहिए।
• लड़कियों को शैक्षिक भ्रमण एवं यात्रा के अवसर देने चाहिए ।
7. महिला सशक्तिकरण रोजगार तथा प्रशिक्षण के लिए सहायता देने का कार्यक्रम । महिला के लिए संघनित कार्यक्रम आदि ।
8. बैनर्स एवं पोस्टरों द्वारा जागरूकता
9. अभिभावकों को लड़कियों के महत्व एवं अधिकारों के बारे में अवगत करना
10. लड़कियों के लिए चलाई जा रही विभिन्न सरकारी योजनाओं के बारे में जागरूक करना लाडली लक्ष्मी योजना, सर्व शिक्षा अभियान, गाँव की बेटी योजना, बेटी पढ़ाओ-बेटी बचाओं आदि ।
11. लड़कियों के विषय में सकारात्मक अभिवृत्ति का निर्माण करना ।
12. लड़कियों में स्व अवधारणा एवं स्व महत्व का विकास करना ।
13. उनके समक्ष सफल बेटियों का उदाहरण रखना - जैसे कल्पना चावला, किरण बेदी, सायना नेहवाल के उदाहरण प्रस्तुत करना।
14. शिक्षण शास्त्रीय विधियों को बदलना, पाठ्यचर्या विधि, मूल्यांकन विधि को बदलकर लड़कियों की सहभागिता को बढाया जा सकता है।
15. जेंडर रूढ़िवाद के प्रति जागरूकता अभियान चलाया जा सकता है।
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