अनुकरणीय शिक्षण SSST के चार मुख्य अवयव नीचे दिये गए हैं - Exemplary learning The four main components of SSST are given below
अनुकरणीय शिक्षण SSST के चार मुख्य अवयव नीचे दिये गए हैं - Exemplary learning The four main components of SSST are given below
निदान (Diagnosis)
उपचार (Prescription)
पृष्ठ पोषण (Feed back)
मूल्यांकन (Evaluation)
SSST से लाभ (Advantages of SSST):-
Cruick Sank ने SSST के निम्नांकित लाभों का उल्लेख किया है -
1. इसमें शिक्षण के सिद्धांतों को व्यावहारिक शिक्षण अभ्यास से जोड़ने का प्रयास किया जाता है।
2. इस विधि से छात्राध्यापकों में आत्म-विश्वास बढ़ता है।
3. यह विधि छात्राध्यापकों को उनके व्यवहारों में सुधार कैसे लाया जाय, इसके लिए पृष्ठपोषण प्रदान करती है।
4. यह भूमिका निर्वाह के माध्यम से छात्राध्यापकों में आलोचनात्मक चिंतन का विकास करती है।
5. इस विधि से छात्राध्यापकों में सामाजिक कौशलों का विकास किया जाता है।
SSST प्रविधि की उपयोगिता (Utility of SSST):
1. छात्राध्यापकों की प्रश्न पूछने की क्षमता का विकास करती है।
2. प्रभावशाली पृष्ठपोषण प्राप्त कर इस विधि से छात्र अपने शिक्षण की प्रभावशीलता बढ़ाने में समर्थ हो जाते हैं।
3. यह शिक्षण-प्रशिक्षण के क्षेत्र में अधिक उपयोगी है।
SSST की सीमायें (Limitations of SSST):
1. इस प्रविधि को शिक्षण के अन्त में यदि सामूहिक चर्चा कराई जाये तो छात्रों में उत्साह जगाता है और सही पृष्ठपोषण मिलता है।
2. कृत्रिम परिवेश कई बार शिक्षण की गम्भीरता कम कर देता है।
3. इसमें विषय-वस्तु पर ध्यान नहीं दिया जाता, जो कभी-कभी हानिकारक हो जाता है।
4. भूमिका निर्वाह क्योंकि कृत्रिम परिवेश में किया जाता है जो अमनोवैज्ञानिक तथा अव्यावहारिक है।
5. पर्यवेक्षक यदि पर्यवेक्षण की गरिमा नहीं समझ सके तो इसकी उपयोगिता बहुत कम हो जाती है।
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