कहानी विधि - story method

 कहानी विधि - story method


छात्रों को कहानी सुनाने का लक्ष्य ध्यान में रखकर कहानी का चयन छात्रों के आयु के अनुसार होना चाहिए। चयनित कहानी सरल, संक्षिप्त, अर्थपूर्ण वास्तविक होनी चाहिए। कहानी को क्रमानुसार स्वाभाविक ढंग से सुनाना चाहिए। छात्रों के मानसिक स्तर, स्वाभाविक प्रवृत्ति अवस्थाएँ, क्रियाशीलता, रुचि के अनुसार कहानी की भाषा, शैली, अभिनय, विषयवस्तु होनी चाहिए। कहानी सुनाते समय श्यामपट सहायक सामग्री आदि का प्रयोग करके छात्रों को सतर्क तथा सक्रिय बनाये रखना चाहिए। छात्रों में कुतूहल की भावना तथा कल्पना क्षमता अधिक होने से कहानी विधि उन्हें प्रिय होती है। छोटी- छोटी एक-दूसरे से सम्बंधित कहानियाँ कहानी विधि को अधिक प्रभावोत्पादक एवं उपयोगी बनाती है। छात्रों में कल्पना एवं जिज्ञासा की संतुष्टि के लिए कहानियों का रुचि के अनुसार विवरण महत्वपूर्ण है।