विश्लेषण की तकनीकियां - techniques of analysis

विश्लेषण की तकनीकियां - techniques of analysis


कार्यशील पूंजी के विश्लेषण में सामान्यतः निम्न तकनीकों का प्रयोग किया जाता है


(1) कार्यशील पूंजी में परिवर्तन की अनुसूची


(2) अनुपात विश्लेषण


(3) फण्ड विवरण


(1) कार्यशील पूंजी में परिवर्तन की अनुसूची -  इसे कभी-कभी कार्यशील पूंजी स्थिति विवरण भी कहते हैं। इसके आधार पर हमें यह ज्ञात होता है कि कार्यशील पूंजी की प्रवृत्ति क्या रही है साथ ही साथ इस प्रकृति के लिए कार्यशील पूंजी के विभिन्न मदों में होने वाले कौन-कौन से परिवर्तन उतरदायी रहे हैं।  


( 2 ) अनुपात विश्लेषण :- वैसे तो अनुपात विश्लेषण के द्वारा संस्था की लाभदायकता, निष्पादन क्षमता व वित्तीय स्थिति के विषय में ज्ञान प्राप्त किया जा सकता है, परन्तु कार्यशील पूंजी की पर्याप्तता की जांच हेतु भी हम कुछ अनुपातों का प्रयोग कर सकते हैं। इन अनुपातों की गणना एक निश्चित अन्तराल पर (जैसे मासिक, तिमाही, छमाही ) की जानी चाहिए। प्रत्येक नये अनुपात की तुलना पिछल अवधी के अनुपात से करके विचलनों को ज्ञात करना चाहिए और उनके कारणों की खोज करके उचित उपचार अपनाना चाहिए। यह और भी वैज्ञानिक होगा कि संस्था के संदर्भ में आकलित अनुपातों की तुलना उसी व्यवसाय में संलग्न अन्य संस्थाओं के अनुपात से की जाय। कुछ विनियोजक एवं वित विशेषज्ञ इन अनुपातों के तुलनात्मक अध्ययन के आधार पर अनेक महत्वपूर्ण निष्कर्ष निकाल सकते है।


1. रोकड़ अनुपात


2. तरलता अनुपात


3. चालू अनुपात


4. स्कन्ध आवर्त


5. स्कन्ध कार्यशील पूंजी का अनुपात


6. कार्यशील पूंजी आवर्त


7. देनदार आवर्त


8. लेनदार आवर्त


9. कार्यशील पूंजी का शुद्ध मूल्य से अनुपात


(3) फण्ड विवरण :- फण्ड विवरण का अर्थ, उदेश्य व निर्माण विधि पर फण्ड के साधनों एवं फण्ड के प्रयोगों से सम्बन्धित मदों की व्याख्या की जाती है। फण्ड के प्रत्येक साधन से फण्ड (कार्यशील पूंजी ) में वृद्धि होती है और फण्ड के प्रत्येक प्रयोग से फण्ड (कार्यशील पूंजी) में कमी आती है। अतः किसी अवधि के प्रारम्भ विद्यमान कार्यशील पूंजी की रकम में फण्ड के साधनों से प्राप्त रकम को जोड़ दे और फण्ड के प्रयोग से सम्बन्धित रकम को घटा दे तो उस अवधि के अन्त में कार्यशील पूंजी की रकम ज्ञात हो जायेगी और इस प्रकार हम यह पता लगा सकते है कि कार्यशील पूंजी में क्या परितर्वन हुआ है इस दृष्टि से फण्ड विवरण का प्रारूप निम्नलिखित हो सकता है।