वित्तीय विश्लेषण के प्रकार - Types of Financial Analysis

वित्तीय विश्लेषण के प्रकार - Types of Financial Analysis


वित्तीय विश्लेषण के दो प्रमुख तरीके हैं - 


(1) क्षैतिज विश्लेषण (Horizontal Analysis) – जब कई वर्षों के वित्तीय विवरणों का विश्लेषण किया जाता है तो यह क्षैतिज विश्लेषण कहलाता है। इसमें प्रत्येक मद के वर्ष प्रति वर्ष के परिवर्तनों को दिखलाया जाता है। चूंकि यह विश्लेषण किसी एक वर्ष अथवा किसी एक लेखा - अवधि के समको पर आधारित न होकर कई वर्षों या अवधियों के समकों पर आधारित होता है, इसलिये इसे प्रावैकिंग विश्लेषण (Dynamic Analysis) भी कहते हैं। वित्तीय विवरण विश्लेषण की अनुपात विधि, कोष-प्रवाह विश्लेषण विधि, प्रवृत्ति विश्लेषण, तुलनात्मक विवरण आदि तकनीकें क्षैतिज विश्लेषण के ही उदाहरण हैं।


(2) लम्बवत् विश्लेषण (Vertical Analysis) – यह किसी एक तिथि के अथवा किसी एक लेखा - अवधि के विभिन्न मदों के आपसी संख्यात्मक सम्बन्ध का अध्ययन है। वित्तीय विवरणों के विश्लेषण की औसत विश्लेषण तकनीक ऐसे ही विश्लेषण का उदाहरण है।

इसमें एक तिथि अथवा एक अवधि के विवरण के योग को 100 माना जाता है तथा उस विवरण की प्रत्येक पद का उसके योग से प्रतिशत सम्बन्ध स्थापित किया जाता है। यह सम्बन्ध अनुपात विश्लेषण विधि से भी स्थापित किया जा सकता है। लम्बवत् विश्लेषण को स्थैतिक विश्लेषण (Static Analysis) भी कहते है।


यद्यपि विश्लेषण के लिये उपरोक्त दोनों विधियों का प्रयोग किया जा सकता है, प्रत्येक विधि एक विशिष्ट प्रकार की सूचना प्रदान करती है किन्तु इनमें से पहली विधि अधिक अच्छी है, क्योंकि लम्बवत् विश्लेषण के आधार व प्रयोग किये गये मद किसी में भी परिवर्तन आ जाने पर पूर्व निकाले गये प्रतिशत में परिवर्तन आ सकता है। इसके अतिरिक्त इसमें भूतकाल के सन्दर्भ में स्थिति का विवेचन नहीं किया जा सकता है। कई वर्षों के लगातार अध्ययन के पश्चात् ही आगणित समंक तुल्य हो सकते हैं। क्षैतिज विश्लेषण इन दोनों दोषों से मुक्त है। अतः यह विश्लेषण के लिये अधिक उपयुक्त है।