अल्प पूजीकरण - under capitalization

अल्प पूजीकरण - under capitalization


अल्प पूंजीकरण की स्थिति एक ऐसा स्थिति है जो उच्च पूंजीकरण के बहुत विपरीत है। जब कंपनी की आय पर वापसी की दर पूंजीकरण की दर से अधिक होती है, तो कम पूंजीकरण की कंपनी की स्थिति बनती है। ऐसी कंपनियों को कंपनी की अचल संपत्ति की तुलना में अधिक लाभ होता है। श्री जे स्टकनवर्गिया ने अल्प पूंजीकरण का व्याख्या की है।


जब किसी कंपनी की आय दर एक समान प्रकार की कंपनी की तुलना में इसकी कुल पूजी लागत की दर से अधिक है, या इस कंपनी को कम पूजी राशि की मांग होती है

तब ऐसे स्थिती को अल्प पूंजीकरण की स्थिति कहते है। अर्थात् जो कंपनी अन्य कंपनिया के तुलना में कम पूजी में अपने उत्पाद का कार्य सपन्न किया जा सकता है ऐसे कंपनी में अल्प पूंजीकरण की अवस्था है ऐसा समजा जाता है। अल्प पूंजीकरण का मतलब है अपर्याप्त पूंजी न होकर कम पूंजी लागत की अवस्था है। ऐसे अवस्थता में कंपनी का वास्तविक मूल्य यह उसकी पुस्तकी मूल्य से अधिक होता है। ऐसे कंपनी का लाभ भी उसके संपत्ति के मूल्य से अपेक्षित लाभ से अधिक होता है। ऐसी कंपनी अपने अश धारकों की अपेक्षाओं की तुलना में उच्च कीमतों पर लाभांश को वितरित कर सकती है, और इस तरह की कंपनी के भागों और बाजार मूल्य उसके अकीत मूल्य से कहीं अधिक होते हैं।