विभिन्न परामर्श सिद्धांत - Various Consulting Theories
विभिन्न परामर्श सिद्धांत - Various Consulting Theories
मैकडैनियल और शैफ्टल के अनुसार परामर्श प्रक्रिया निम्नलिखित मूल सिद्धांतों पर आधारित है
1. स्वीकृति का सिद्धांत- इस सिद्धांत के अनुसार प्रत्येक सेवार्थी को एक व्यक्ति के रूप में समझा जाए और उसके साथ वैसा ही व्यवहार किया जाए। व्यक्ति के अधिकारों को परामर्शदाता पूर्ण सम्मान प्रदान करे ।
2. व्यक्ति के सम्मान का सिद्धांत परामर्श की सभी विचारधाराएँ व्यक्ति के सम्मान पर बल देती हैं अर्थात व्यक्ति की भावनाओं का आदर करना परामर्श प्रक्रिया का आवश्यक अंग होना चाहिए।
3. उपयुक्तता का सिद्धांत परामर्श ऐसा सम्बन्ध है जिसमें कुछ आशा बँधती है तथा वातावरण व्यक्ति के अनुकूल होने लगता है। सभी विचारधाराएँ परामर्श के सापेक्ष सम्बन्ध को स्वीकार करती हैं।
4. व्यक्ति के साथ सोचने का सिद्धांत- परामर्श व्यक्ति के साथ सोचने पर बल देता है। 'किसके लिए सोचना' और 'क्यों सोचना'- इन दोनों बातों में भेद करना आवश्यक है। यह परामर्शदाता की भूमिका है कि वह सेवार्थी के आसपास की सभी शक्तियों के बारे में सोचें, सेवार्थी की चिंतन प्रक्रिया में शामिल हों और उसकी समस्या के सम्बन्ध में सेवार्थी के साथ मिलजुल कर कार्य करें ।
5. लोकतंत्रीय आदर्शों के साथ निरंतरता का सिद्धांत सभी सिद्धांत लोकतंत्रीय आदर्शों के साथ जुड़े हुए हैं। लोकतांत्रिक आदर्श व्यक्ति को स्वीकार करने की माँग करते हैं और दूसरे के अधिकारों का उपयुक्त सम्मान चाहते हैं। परामर्श प्रक्रिया व्यक्ति के सम्मान के आदर्श पर आधारित है। यह व्यक्तिगत विभिन्नताओं को मानने वाली प्रक्रिया है ।
6. सीखने का सिद्धांत- परामर्श की सभी विचारधाराएँ परामर्श प्रक्रिया में सीखने के तत्त्वों की विद्यमानता को मानते हैं।
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