बौद्ध शिक्षा के गुण - virtues of buddhist teaching
बौद्ध शिक्षा के गुण - virtues of buddhist teaching
1) बौद्ध कालखंड में सुसंगठित शिक्षा संस्थाएं स्थापित हुई।
2) शिक्षा का माध्यम जनसामान्य की भाषा 'पाली था।
3) धार्मिक शिक्षा के साथ साथ व्यावहारिक शिक्षा पर भी जोर दिया गया।
(4) सार्वत्रिक शिक्षा को सुविधा होने के कारण शिक्षा के द्वार सभी के लिए खुल गये।
5) सरकारी नौकर, डाकू, सजा काटे हुए लोगों का मठ में प्रवेश की अनुमति नहीं थी।
(6) शिक्षण में अनुशासन का महत्वपूर्ण स्थान दिया गया।
(7) शिक्षा का माध्यम जनसामान्य को भाषा पाली था।
8) सामूहिक शिक्षा पद्धति पर जोर दिया गया।।
(9) स्त्री शिक्षा का विकास हुआ।
10) जानि पानि एवं वर्णव्यवस्था का लाप हुआ।
11) सांस्कृतिक संबंध दृढ करने में बौद्ध-शिवा का प्रमुख स्थान है।
12) बौद्ध शिक्षा सत्य एवं अहिंसा पर आधारित थी।
(13) बौद्ध शिक्षा में यज्ञ और कर्मकांड का निषेध था।
(14) शिक्षा में लौकिक विषयों का समावेश था।
15) समाज में नैतिक मुख्य तथा आचार, समता इत्यादि का महत्व दिया गया था।
16) शिक्षा के शैक्षणिक केंद्र प्रसिद्ध थे।
17) छात्रों का सर्वांगीण विकास अहम था।
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